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गुरुवार, 10 नवंबर 2011

" "गुरू पूर्णिमा-गंगा स्नान"" ( डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


सिक्खों के प्रथम गुरू श्री नानक देव जी के
प्रकाश पर्व पर सभी देशवासियों को
लख-लख बधाइयाँ!
"गंगा-स्नान मेला"
    आज कार्तिक पूर्णिमा का दिन है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का प्रचलन पौराणिक-काल से ही हमारे देश में चला आ रहा है। अतः परम्परा का निर्वहन करने के लिए हम भी "माँ पूर्णागिरि" के पद पखार रही शारदी नदी के किनारे जा पहुँचे। यह पावन स्थल था- "बूम"। जो उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले में टनकपुर से 12 किमी दूर पहाड़ों के ठीक नीचे है। 
        चित्र में दिखाई दे रहे पर्वत की चोटी पर सती-माता "माँ पूर्णागिरि" का निवास है और उसके ठीक नीचे पावन शारदा नदी की जल-धारा कल-कल निनाद करती हुई श्रद्धालुओं को पवित्र स्नान का निमन्त्रण दे रही है।
            यहाँ भगवान के प्रिय फल "बेल" के पेड़ों के मध्य हमलोगों ने भी दो-तीन बेड-शीट बिछा कर अपना आसन जमा दिया।

     इसके बाद पावन जल में डुबकी लगाने के लिए पावन शारदा नदी की ओर प्रस्थान किया।
     महिलाओं ने तीन पत्थरों का चूल्हा बनाया और खिचड़ी बनानी शुरू कर दी।
इसके बाद सबने बैठकर बड़े प्रेम से खिचड़ी खाई। 
इसके बाद हम लोगों ने खटीमा से 6 किमी. की दूरी पर स्थित
शारदा नहर की ओर प्रस्थान किया!
जहाँ पर गंगा स्नान का विशाल मेला लगता है,
जो 5 दिनों तक चलता है!
इण्टरनेट की गति ठीक न होने के कारण
चित्र अपलोड नहीं हो पा रहे हैं!
इसलिए कल इस पोस्ट का 
शेष भाग मनोहारी चित्रों के साथ प्रकाशित करूँगा!
क्रमशः  ...............

12 टिप्‍पणियां:

  1. आप सबको भी गुरुपूर्णिमा की ढेरों बधाईयाँ

    उत्तर देंहटाएं
  2. jameen par ek saath parivaar ke saath khichdi khane ka alag hi maja aaya hoga chitr dekh kar hi achcha lag raha hai.aap va samast parivar ko badhaai.

    उत्तर देंहटाएं
  3. गुरुपूर्णिमा और गुरपर्व की ढेरों बधाईयाँ

    सुंदर पोस्ट

    उत्तर देंहटाएं
  4. गुरू पर्व और कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं.....

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा दिनांक 11-11-2011 को शुक्रवारीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  6. गुरुपूर्णिमा और गुरपर्व की ढेरों बधाईयाँ....

    उत्तर देंहटाएं
  7. गुरु पूर्णिमा और गुरु-पर्व की अनेक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ....

    उत्तर देंहटाएं
  8. सभी को गुरू-पूर्णिमा की हार्दिक बधाई.धन्यवाद,आपने घर बैठे गुरू-पूर्णिमा के स्नान से अभारित कर दिया.

    उत्तर देंहटाएं
  9. जंगल में मंगल हो गया खिचड़ी खाकर। बढिया लग रही है पिकनिक। कल का इंतजार रहेगा।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बढ़िया चित्रावली..
    बधाईयाँ सर...

    उत्तर देंहटाएं
  11. हालात के क़दमों पे कलंदर नहीं गिरता
    टूटे भी जो तारा, ज़मीं पे नहीं गिरता ,

    गिरते हैं समंदर में बड़े शौक़ से दरिया
    लेकिन किसी दरिया में समंदर नहीं गिरता,
    ...
    समझो वहां फलदार शजर कोई नहीं है
    वोह सहन कि जिसमें पत्थर नहीं गिरता,

    हैरान है कई रोज़ से ठहरा हुआ पानी
    तालाब में अब क्यूं कोई कंकर नहीं गिरता,

    इस बंदा-ए-खुद्दार पे नबियों का है साया
    जो भूख में भी लुकमा-ए-तर पर नहीं गिरता,

    कायम है क़तील अब ये मेरे सर के सुतून पर
    भूचाल भी आये तो मेरा घर नहीं गिरता .
    _________ क़तील शिफाई

    उत्तर देंहटाएं

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