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सोमवार, 21 नवंबर 2011

"हाँ यही मौत का लक्षण है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

हाँ यही मौत का लक्षण है!!
उठकर बैठो आँखें खोलो
अपने मुख से कुछ तो बोलो
हिलना-डुलना क्यों बन्द हुआ
तन-मन क्यों ब्रह्मानन्द हुआ
सब ढला आज सिंगार-साज
चलती धारा क्यों रुकी आज
क्या यही मौत का लक्षण है?

मातम पसरा सारे घर में
आँसू नयनों के कोटर में
सब सजा रहे अन्तिम डोली
देंगे काँधा सब हमजोली
फिर चिता सजाई जाएगी
कंचन काया जल जाएगी
क्या यही मौत का लक्षण है?

जब याद तुम्हारी आयेगी
तब यादें ही रह जाएँगी
जीवन की रीत निराली है
पर मौत बहुत बलशाली है
जिन्दगी चार दिन का खेला
फिर उजड़ जायेगा ये मेला
क्या यही मौत का लक्षण है?
हाँ यही मौत का लक्षण है!!

27 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन की रीत निराली है
    पर मौत बहुत बलशाली है
    जिन्दगी चार दिन का खेला
    फिर उजड़ जागा ये मेला
    bahut sundar rachana hai...

    उत्तर देंहटाएं
  2. चलना ही जिंदगी है
    रुकना ही मौत तेरी ...
    जीवन और मृत्यु की सुंदर समीक्षा...
    मेरे पोस्ट पर आइये स्वागत है

    उत्तर देंहटाएं
  3. जीवन की रीत निराली है
    पर मौत बहुत बलशाली है

    jai ho aapki.............

    aapki kavita hriday me gahre utar jati hai

    उत्तर देंहटाएं
  4. जो चले वह ज़िंदगी , बहुत अच्छी रचना , आभार

    उत्तर देंहटाएं
  5. क्या यही मौत का लक्षण है?
    हाँ यही मौत का लक्षण है!!

    काफी हद तक...

    उत्तर देंहटाएं
  6. चलने का नाम जिंदगी.....
    सुंदर रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सांसों के साथ ही चलने बहने का नाम जीवन है ..जो रुक गये तो कुछ नहीं !

    उत्तर देंहटाएं
  8. गहरे भाव के साथ लिखी हुई सुन्दर एवं सार्थक रचना! बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  9. गहन भावों के साथ बेहतरीन अभिव्‍यक्ति

    कल 23/11/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है, चलेंगे नहीं तो पहुचेंगे कैसे ....?
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  10. शाश्वत की सुन्दर काव्यात्मक अभिव्यक्ति....
    बहुत सार्थक गीत सर...
    सादर बधाई...

    उत्तर देंहटाएं
  11. सारी ही अपने आप में पूर्ण और सुन्दर हैं
    सुन्दर रचना के लिए बधाई...!!

    उत्तर देंहटाएं
  12. प्रत्येक पंक्तियाँ अपने आप में परिपूर्ण, सार्थक भाव लिए हुये !

    उत्तर देंहटाएं
  13. देंगे काँधा सब हमजोली
    फिर चिता सजाई जाएगी
    कंचन काया जल जाएगी
    क्या यही मौत का लक्षण है?
    aaa.....haaa....

    उत्तर देंहटाएं
  14. जीवन के यथार्थ उकेरती पंक्तियाँ ये वो मौत की हंसीं वादियाँ होती हैं जहाँ न तरन्नुम न तबस्सुम होता है होता है तो सिर्फ सुकून..........

    उत्तर देंहटाएं
  15. अपने में पूर्ण और जीवन की सच्चाई बयान करती रचना |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत ही मर्मस्पर्शी पंक्तियाँ।

    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  17. jindagi ka safar kabhi khtam nahi hoga...mout hi antim sach hai...aabhar

    उत्तर देंहटाएं

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