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मंगलवार, 11 सितंबर 2012

"बने बेसुरे छन्द" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


अँधियारा छाए तो बिस्तर पर जाकर आराम करो।
उजियारा आये तो उठकर अपने सारे काम करो।।
--
पता नहीं क्या लिख दिया, बने बेसुरे छन्द।
बीमारी मे हो गयी, मस्तक की गति मन्द।।
--
काले अक्षर कभी-कभी, तो बहुत सताते है।
कभी-कभी सुख का, सन्देशा भी दे जाते हैं।।
--
इनका गहरा दर्द मुझे, अपना सा ही लगता है।
कभी बेरुखी-कभी प्यार से, मीठी बातें करता है।।
--
अक्षर में ही राज भरे हैं, छिपे बहुत से रूप।
घाव हृदय में कर जाता, जब अक्षर हो विद्रूप।।
--
जीवन के दोराहे पर, पूरा घर-बार पड़ा है।
किसी-किसी का तो, अभिनव संसार खड़ा है।।
--
पग-पग पर मिलते हैं, ऐसे दोराहे और चौराहें।
केवल समय दिखा सकता है, सीधी-सच्ची राहें।।
--
चूहा-बिल्ली, पिल्ला-पिल्ली से लगते हैं काले अक्षर।
इसी लिए तो कहते हैं जी काला अक्षर भैंस बराबर।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. अक्षर लड़ते हैं कभी, हो शब्दों में युद्ध |
    कवि भी कैसे खेलता, हो भावों से क्रुद्ध |
    हो भावों से क्रुद्ध, शुद्ध काया का चक्कर |
    रहे एक की जगह, शब्द दो मारें टक्कर |
    काया जो अस्वस्थ, पंक्ति टेढ़ी हो जाती |
    बुद्धि का क्या दोष, यही काया भरमाती ||

    उत्तर देंहटाएं
  2. वर्तमान व्य्वस्था पर सटीक्

    उत्तर देंहटाएं
  3. --
    काले अक्षर कभी-कभी, तो बहुत सताते है।(हैं )
    कभी-कभी सुख का, सन्देशा भी दे जाते हैं।।

    बहुत सुन्दर रचना शास्त्री जी की ,जल्दी स्वास्थ्यलाभ प्राप्त करें ,पानी ज्यादा पिएँ ,तरल का सेवन ज्यादा करें .स्वस्थ और आनंद बदन रहें .
    ram ram bhai
    मंगलवार, 11 सितम्बर 2012
    देश की तो अवधारणा ही खत्म कर दी है इस सरकार ने

    उत्तर देंहटाएं
  4. पग-पग पर मिलते हैं, ऐसे दोराहे और चौराहें।
    केवल समय दिखा सकता है, सीधी-सच्ची राहें।।
    sarthak rachna ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह: बहुत सुन्दर..सार्थक रचना

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्रभावी सुंदर रचना,,,,
    शास्त्री जी,,,सेहत का ध्यान रखे,,,

    RECENT POST - मेरे सपनो का भारत

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह शास्त्री जी...
    बहुत बढ़िया...
    आशा है आपका स्वास्थ अच्छा होगा ...
    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  8. काले अक्षर कभी-कभी, तो बहुत सताते है।
    कभी-कभी सुख का, सन्देशा भी दे जाते हैं ..

    बहुत सच कहता है ये दोहा .. सभी भाव्पय ... बहुत प्रभावी ...
    नमस्कार शास्त्री जी ...

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह ... बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह...अस्वस्थता में भी कलम छूटती नहीं..शास्त्री जी, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करें..

    उत्तर देंहटाएं

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