"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शनिवार, 2 फ़रवरी 2013

"कुहरा छाया है” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

IMG_0836
बेमौसम कुहरा छाया है।
सूरज कितना घबराया है।। IMG_0835
अलसाये पक्षी लगते हैं।
राह उजाले की तकते हैं।।
IMG_0829 
सूरज जब धरती पर आये।
तब हम दाना चुगने जायें।।

भुवन भास्कर हरो कुहासा।
समझो खग के मन की भाषा।।
 Copy of IMG0103A
बिल्ली सुस्ताने को आई।
लेकिन यहाँ धूप नही पाई।।

नीचे जाने की अब ठानी।
ठण्डक से है जान बचानी।।
 Copy of IMG0106A
बच्चों से वह बोली म्याऊँ।
बिस्तर में जाकर छिप जाऊँ।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. वाह ... बेहतरीन प्रस्‍तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही सार्थक अभिव्यक्ति,सादर आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर प्रस्‍तुति, बच्चों से वह बोली म्याऊँ। बिस्तर में जाकर छिप जाऊँ।।

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह जी से तो टू इन वन हो गई, चित्र भी और काव्य भी

    उत्तर देंहटाएं
  6. ठंड लौटकर आयी है..
    स्वेटर फिर से गरम हो रहे।

    उत्तर देंहटाएं
  7. वातावरण प्रधान सुन्दर गीत ,बाल गीत की छटा संजोये .अनगढ़ भाषिक सम्मोहन लिए .

    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947
    असली उल्लू कौन ? http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2013/02/blog-post_5036.html …
    Expand

    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947
    ram ram bhai मुखपृष्ठ शनिवार, 2 फरवरी 2013 Mystery of owls spinning their heads all the way around revealed http://veerubhai1947.blogspot.in/
    Expand Reply Delete Favorite More

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत आनंददायी रचना ! अनायास अधरों पर मुस्कुराहट आ गयी !

    उत्तर देंहटाएं
  9. चित्रों के साथ पढ़ने में और भी अच्छा लगा। वाह!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बेहतरीन चित्रमय बाल रचना प्रस्‍तुति...

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत ही सुंदर भोला
    सा बालगीत
    बेहतरीन रचना

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails