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रविवार, 3 फ़रवरी 2013

"दो मुक्तक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

देश के सब नागरिक, जाँबाज होने चाहिए,
लक्ष्य पाने के नये आगाज़ होने चाहिए,
गैर को अपना बना सकते हैं मीठे बोल ही-
चाशनी में तर-बतर, अल्फाज़ होने चाहिए,
--
बात कहने का अलग अन्दाज़ होना चाहिए,
नगमगी-नग़मों के संग में साज होना चाहिए,
हर किसी के साथ होते हैं जुड़े कुछ राज़ भी-
दोस्ती में तो सलामत आज होना चाहिए।
"शास्त्री मयंक"

20 टिप्‍पणियां:

  1. दोनों ही मुक्तक बहुय भावपूर्ण हैं...आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. दोनों मुक्तक शानदार बहुत कुछ कहते हुए हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर मुक्तक...
    गैर को अपना बना सकते हैं मीठे बोल ही-
    चाशनी में तर-बतर, अल्फाज़ होने चाहिए,

    बेहतरीन भाव...
    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  4. खुबसूरत मुक्तक, बेहतरीन भाव, शानदार **********&&&&&&&&&************* देश के सब नागरिक, जाँबाज होने चाहिए,
    लक्ष्य पाने के नये आगाज़ होने चाहिए,
    गैर को अपना बना सकते हैं मीठे बोल ही-
    चाशनी में तर-बतर, अल्फाज़ होने चाहिए,
    --
    बात कहने का अलग अन्दाज़ होना चाहिए,
    नगमगी-नग़मों के संग में साज होना चाहिए,
    हर किसी के साथ होते हैं जुड़े कुछ राज़ भी-
    दोस्ती में तो सलामत आज होना चाहिए।

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह जी वाह क्या लाजवाब मुक्तक हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  6. अल्फाज तो रसगुल्ले हो गये वाह !

    उत्तर देंहटाएं
  7. गैर को अपना बना सकते हैं मीठे बोल ही-
    चाशनी में तर-बतर, अल्फाज़ होने चाहिए,
    बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति बेटी न जन्म ले यहाँ कहना ही पड़ गया . आप भी जाने मानवाधिकार व् कानून :क्या अपराधियों के लिए ही बने हैं ?

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह!
    आपकी यह प्रविष्टि कल दिनांक 04-02-2013 को चर्चामंच-1145 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  9. प्रभावी प्रस्तुति |
    शुभकामनायें आदरणीय ||

    उत्तर देंहटाएं
  10. देश के सब नागरिक, जाँबाज होने चाहिए,
    लक्ष्य पाने के नये आगाज़ होने चाहिए,
    गैर को अपना बना सकते हैं मीठे बोल ही-
    चाशनी में तर-बतर, अल्फाज़ होने चाहिए,
    --बढ़िया मुक्तक है .आदमी गुड न दे गुड सी बात तो कह दे .

    शब्द संभारे बोलिए ,शब्द के हाथ न पाँव ,

    एक शब्द औषध करे ,एक शब्द करे घाव .

    जन्म दिन मुबारक शाष्त्री जी को .रोशन तुम्ही से दुनिया ,रौनक तुम्ही जहां की सलामत रहो ...

    उत्तर देंहटाएं

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