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रविवार, 10 फ़रवरी 2013

"आलिंगन उपहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जो दिल से उपजे वही, होता सच्चा प्यार।
मिलन नहीं है वासना, आलिंगन उपहार।१।

पश्चिम के परिवेश की, ले करके हम आड़।
आलिंगन के नाम पर, करते हैं खिलवाड़।२।

एकदिवस के लिए क्यों, करते हो व्यापार।
जीवनभर करते रहो, मीठा-मीठा प्यार।३।

मानवता अपनाइए, यही हमारा मन्त्र।
वासनाओं के लिए क्यो, ढोंग और षड़यन्त्र।४।

अपनाओ निज सभ्यता, छोड़ विदेशी ढंग।
आलिंगन के साथ हो, जीवनभर का संग।५।

20 टिप्‍पणियां:

  1. भारतीय संस्कृति के दर्शन-
    आभार गुरु जी -

    आलिंगन आँगन लगन, मन लिंगार्चन जाग |
    आलिंगी आली जले, आग बुझा के भाग ||

    आलिंगी = आलिंगन करने वाला
    आली = सखी

    उत्तर देंहटाएं
  2. आलिंगन दिवस पर सुन्दर दोहे....

    उत्तर देंहटाएं
  3. अपनाओ निज सभ्यता, छोड़ विदेशी ढंग।
    आलिंगन के साथ हो, जीवनभर का संग।,,,,सुंदर दोहे,,,

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर!
    http://voice-brijesh.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

    उत्तर देंहटाएं
  6. वासना पर अमर प्रेम का वार अब खैर नही सरकार

    उत्तर देंहटाएं
  7. हमे अपनी सभ्यता संस्कृति को नही भूलना चाहिए,बहुत ही सुन्दर दोहे।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर, एकदिवस के लिए क्यों, करते हो व्यापार।
    जीवनभर करते रहो, मीठा-मीठा प्यार।३।

    मानवता अपनाइए, यही हमारा मन्त्र।
    वासनाओं के लिए क्यो, ढोंग और षड़यन्त्र।४।

    अपनाओ निज सभ्यता, छोड़ विदेशी ढंग।
    आलिंगन के साथ हो, जीवनभर का संग।५।

    उत्तर देंहटाएं
  9. चित्र कविता को जीवंत कर रहा है क्या बात है !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. सुंदर दोहे...दि‍वस मनाएं लोग मगर अपनी सभ्‍यता संस्‍कृति का ख्‍याल रखते हुए...

    उत्तर देंहटाएं
  11. bahut hi sundar udgaar hai shastri ji ...aaj ke parivesh pe ek bahut hi sanyat evm sarthak tippani..

    उत्तर देंहटाएं
  12. हम प्रेम को भी भयंकर प्रेम का दर्जा दे रहे है। अच्‍छी कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  13. अपनाओ निज सभ्यता, छोड़ विदेशी ढंग।
    आलिंगन के साथ हो, जीवनभर का संग...
    अच्‍छी कविता..

    उत्तर देंहटाएं
  14. जो दिल से उपजे वही, होता सच्चा प्यार।
    मिलन नहीं है वासना, आलिंगन उपहार।१।

    सुन्दर प्रस्तुति प्रेम दिवस पर -एक बिम्ब यह भी दिनकर जी के शब्दों में (उर्वशी ):

    रूप की आराधना का मार्ग आलिंगन नहीं तो और क्या है ,

    स्नेह का सौन्दर्य को उपहार रस चुम्बन नहीं तो और क्या है ?

    उत्तर देंहटाएं
  15. जो दिल से उपजे वही, होता सच्चा प्यार।
    मिलन नहीं है वासना, आलिंगन उपहार।१।

    सुन्दर प्रस्तुति प्रेम दिवस पर -एक बिम्ब यह भी दिनकर जी के शब्दों में (उर्वशी ):

    रूप की आराधना का मार्ग आलिंगन नहीं तो और क्या है ,

    स्नेह का सौन्दर्य को उपहार रस चुम्बन नहीं तो और क्या है ?


    उत्तर देंहटाएं

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