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गुरुवार, 7 फ़रवरी 2013

"वासन्ती परिधान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


वासन्ती परिधान ओढ़कर,
सूरज ने भी रंग दिखाया।
मुझको यह आभास होगया-
अब बसन्त का मौसम आया।।

पहिन बसन्ती-पीली साड़ी,
फूली सरसों मनभावन है।
गीत और संगीत बसन्ती,
मौसम लोक-लुभावन सा है।
गेहूँ लहर-लहर बलखाते,
भँवरा फूलों पर मँडराया।
मुझको यह आभास हो गया-
अब बसन्त का मौसम आया।।

आम, नीम भी बौराए है,
तरुवर नव पल्लव पाये है।
पीपल,गूलर भी हर्षित हैं,
भँवरे गुल पर आकर्षित हैं।
सेमल में भी फूल खिले हैं,
जंगल में पलाश मुस्काया।
मुझको यह आभास होगया-
अब बसन्त का मौसम आया।।

नील-गगन से छँटा कुहासा,
कोयल मीठे स्वर में गातीं,
हिमगिरि साफ दिखाई देते,
नदिया कल-कल नाद सुनातीं।
हीटर, गीजर बन्द हो गए ,
सरदी ने भी कोप घटाया।
मुझको यह आभास होगया-
अब बसन्त का मौसम आया।। 

19 टिप्‍पणियां:

  1. पहिन बसन्ती-पीली साड़ी,
    फूली सरसों मनभावन है।
    गीत और संगीत बसन्ती,
    मौसम लोक-लुभावन सा है।

    बहुत सुंदर..अगर बसंत नहीं भी आया तो आपके इस आमन्त्रण से आ ही जायेगा..

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी रचना पढ़कर अब मुझे भी ये
    आभास हो गया की बसंत का मौसम आ गया...
    बहुत ही सुन्दर और बेहतरीन रचना...
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  3. बसन्त का बहुत ही सुन्दर ढंग से स्वागत,मनमोहक प्रस्तुती।

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुंदर चित्रण बसंत का ....
    सुंदर रचना शास्त्री जी ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  6. बासन्ती परिधान समेटे धरा शुभ्र है..

    उत्तर देंहटाएं
  7. बसंत का आगमन दर्शाती खूबसूरत कविता
    http://guzarish6688.blogspot.in/2013/02/blog-post_7.html

    उत्तर देंहटाएं
  8. इन बासन्ती परिधानों में,
    खेतों में, इन खलिहानों में
    देता है ऋतुराज दिखाई
    छटा बसंती मन को भाई
    शहरों में बस सन्नाटा है
    कंकरीट ने वन पाटा है
    सिर्फ गाँव ही कहता फिरता
    अब बसंत का मौसम आया.....

    सुंदर बासंती रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  9. पहिन बसन्ती-पीली साड़ी,
    फूली सरसों मनभावन है।
    गीत और संगीत बसन्ती,
    मौसम लोक-लुभावन सा है।

    बहुत सुंदर..

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति आज शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  11. आम, नीम भी बौराए हैं .. जाने किस अतीत में छुपी खुशबू आ गयी पढ़ते पढ़ते! :)

    उत्तर देंहटाएं
  12. आ गया जी बसन्‍त का मौसम आगया। बहुत बढिया।

    उत्तर देंहटाएं
  13. सुंदर वासंती गीत ऋतुराज के स्वागत के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं

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