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मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

"ग़ज़ल-लिखना नहीं आया" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

कटी है उम्र गीतों में, मगर लिखना नहीं आया।
तभी तो हाट में हमको, अभी बिकना नहीं आया।

ज़माने में फकीरों का नहीं होता ठिकाना कुछ,
उन्हें तो एक डाली पर कभी टिकना नहीं आया।

सम्भाला होश है जबसे, रहे हम मस्त फाकों में,
लगें किस पेड़ पर रोटी, हुनर इतना नहीं आया।

मिला ओहदा बहुत ऊँचा, मगर किरदार हैं गिरवीं,
तभी तो देश की ख़ातिर हमें मिटना नहीं आया।

नहीं पहचान पाये "रूप" को अब तक दरिन्दों के,
पहाड़ा देशभक्ति का हमें गिनना नहीं आया।

21 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय रूपचन्द्र जी वहा क्या बात आपके लेखनी का तो कोई जवाब नहीं क्या खूब कहा है
    कटी है उम्र गीतों में, मगर लिखना नहीं आया।
    तभी तो हाट में हमको, अभी बिकना नहीं आया
    मेरी नई रचना
    ये कैसी मोहब्बत है

    खुशबू

    उत्तर देंहटाएं
  2. लाजवाब ....आपकी लेखनी को सलाम
    कटी है उम्र गीतों में, मगर लिखना नहीं आया।
    तभी तो हाट में हमको, अभी बिकना नहीं आया।

    ज़माने में फकीरों का नहीं होता ठिकाना कुछ,
    उन्हें तो एक डाली पर कभी टिकना नहीं आया।

    उत्तर देंहटाएं
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    उत्तर देंहटाएं
  4. कटी है उम्र गीतों में, मगर लिखना नहीं आया।
    तभी तो हाट में हमको, अभी बिकना नहीं आया।...bahut sundar abhivyaki shashtri ji
    new postक्षणिकाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  6. नहीं पहचान पाये "रूप" को अब तक दरिन्दों के,
    पहाड़ा देशभक्ति का हमें गिनना नहीं आया।
    बहुत सुन्दर !

    उत्तर देंहटाएं
  7. क्या बात है शास्त्री जी, बहुत अच्छा लिखा है.

    उत्तर देंहटाएं
  8. क्या कहूँ ………हकीकत का बयाँ करती लाजवाब गज़ल है।

    उत्तर देंहटाएं
  9. कोई जवाब नहीं,लाजवाब गज़ल

    उत्तर देंहटाएं
  10. मिला ओहदा बहुत ऊँचा, मगर किरदार हैं गिरवीं,
    तभी तो देश की ख़ातिर हमें मिटना नहीं आया।

    लाजबाब बेहतरीन गजल ,,,,वाह !!! क्या बात है

    Recent Post: कुछ तरस खाइये

    उत्तर देंहटाएं
  11. शाश्त्री जी नमन ! आपको लिखना आया ,हमें पढ़ना नहीं आया .....सच यही है ....बहुत -२ शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  12. लगता है दुनिया में लोगों को स्‍वार्थ के अलावा और कुछ नहीं आया। अच्‍छी रचना है।

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत अच्छी लगी ग़ज़ल...शास्त्री सर!
    ~सादर!!!

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत प्रभावी और सुन्दर प्रस्तुति...

    उत्तर देंहटाएं
  15. कटी है उम्र गीतों में, मगर लिखना नहीं आया।
    तभी तो हाट में हमको, अभी बिकना नहीं आया।

    नि:शब्द करती पंक्तियाँ........

    उत्तर देंहटाएं

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