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रविवार, 15 अगस्त 2010

“अपनी आजादी” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

15%20August बन्दी है आजादी अपनी, छल के कारागारों में।
मैला-पंक समाया है, निर्मल नदियों की धारों में।।

नीचे से लेकर ऊपर तक, भ्रष्ट-आवरण चढ़ा हुआ,
झूठे, बे-ईमानों से है, सत्य-आचरण डरा हुआ,
दाल और चीनी भरे पड़े हैं, तहखानों आगारों में।
मैला-पंक समाया है, निर्मल नदियों की धारों में।।

नेताओं की चीनी मिल हैं, नेता ही व्यापारी हैं,
खेतीहर-मजदूरों का, लुटना उनकी लाचारी हैं,
डाकू, चोर, लुटेरे बैठे, संसद और सरकारों में।
मैला-पंक समाया है, निर्मल नदियों की धारों में।।

आजादी पूँजीपतियों को, आजादी सामन्तवाद को,
आजादी ऊँची-खटियों को, आजादी आतंकवाद को,
निर्धन नारों में बिकता है, गली और बाजारों में।
मैला-पंक समाया है, निर्मल नदियों की धारों में।।
(चित्र गूगल सर्च से साभार)

23 टिप्‍पणियां:

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    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आप एवं आपके परिवार का हार्दिक अभिनन्दन एवं शुभकामनाएँ !

    उत्तर देंहटाएं
  2. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. आजादी पूँजीपतियों को, आजादी सामन्तवाद को,
    आजादी ऊँची-खटियों को, आजादी आतंकवाद को

    उत्तर देंहटाएं
  4. देश की समस्याओं को सार्थक स्वर मिले आपकी कविता से।

    उत्तर देंहटाएं
  5. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ..

    उत्तर देंहटाएं
  6. aapko swatantrata divas mubarak ho!
    apni aajadi kavita padhkar maja aa gaya.bilkul sach likha hai aapne shastri ji!aapko badhai!

    उत्तर देंहटाएं
  7. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!


    http://iisanuii.blogspot.com/2010/08/blog-post_15.html

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सही कहा है आपने।
    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!

    उत्तर देंहटाएं
  9. स्वाधीनता दिवस पर हार्दिक शुभकामानाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सटीक रचना ...गीत में आपने कितनी सारी बातें कह दी हैं ...

    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  11. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!!
    बहुत सटीक रचना ..........आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  12. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  13. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं..!!

    उत्तर देंहटाएं
  14. देश का चित्रण करता हुआ एक बढ़िया कविता...कब दूर होगी ऐसी विसंगतियाँ...शास्त्री जी सुंदर रचना के लिए धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  15. स्वतंत्रता-दिवस पर आपको भी बहुत बहुत शुभकामनाएँ! गीत के रूप में सुन्दर अभिव्यक्ति !!

    उत्तर देंहटाएं
  16. स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाये और ढेरों बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  17. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
    सुन्दर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  18. नीचे से लेकर ऊपर तक, भ्रष्ट-आवरण चढ़ा हुआ,
    झूठे, बे-ईमानों से है, सत्य-आचरण डरा हुआ,
    दाल और चीनी भरे पड़े हैं, तहखानों आगारों में।
    मैला-पंक समाया है, निर्मल नदियों की धारों में।।

    बहुत खूब बहुत ही सुन्दर शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं

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