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गुरुवार, 9 दिसंबर 2010

"गिलहरी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


"गिलहरी"
बैठ मजे से मेरी छत पर,
दाना-दुनका खाती हो!
उछल-कूद करती रहती हो,
सबके मन को भाती हो!!
तुमको पास बुलाने को,
मैं मूँगफली दिखलाता हूँ,
कट्टो-कट्टो कहकर तुमको,
जब आवाज लगाता हूँ,
कुट-कुट करती हुई तभी तुम,
जल्दी से आ जाती हो!
उछल-कूद करती रहती हो,
सबके मन को भाती हो!!
नाम गिलहरी, बहुत छरहरी,
आँखों में चंचलता है,
अंग मर्मरी, रंग सुनहरी,
मन में भरी चपलता है,
हाथों में सामग्री लेकर,
बड़े चाव से खाती हो!
उछल-कूद करती रहती हो,
सबके मन को भाती हो!!
पेड़ों की कोटर में बैठी
धूप गुनगुनी सेंक रही हो,
कुछ अपनी ही धुन में ऐंठी
टुकर-टुकरकर देख रही हो,
भागो-दौड़ो आलस छोड़ो,
सीख हमें सिखलाती हो!
उछल-कूद करती रहती हो,
सबके मन को भाती हो!!
(चित्र गूगल छवि से साभार)

24 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी कविता , बच्चों के पाठ्य क्रम में शामिल होने की कूव्वत रखती है। बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्‍छी कविता, बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  3. bबहुत सुन्दर आपकी कवितायेंउच्च कोटी की होती हैं। बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुंदरा कविता और उतनी ही प्यारी गिलहरी
    regards

    उत्तर देंहटाएं
  5. चौथेपन में बचपन की यादें साझा कर के शास्त्री जी आने उस कहावत को फिर से सत्यापित कर दिया है:- उमर पचपन की - दिल बचपन की| सादर अभिनंदन|
    http://thalebaithe.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह वाह बहुत ही सुन्दर बाल कविता लिखी है …………जीवन्त कर दिया है गिलहरी को कविता मे।

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  7. बहुत सुन्दर, सरल, प्यारा बालगीत।

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपके बाल काव्य-संग्रह में एक और सितारा है यह रचना शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  9. अति सुंदर गीत, शुभकामनाएं.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  10. सबके मन को भाती गिलहरी...बहुत सुन्दर और सरल बालगीत प्यारा..बहुत - बहुत बधाई....

    उत्तर देंहटाएं
  11. इतनी प्रवाहपूर्ण कविता पढकर मन ऐसा झूम रहा है कि ... क्या कहूं इसे बार-बार गाए जा रहा हूं। और जो तस्वीरे आपने लगाई है, वह तो फोटोग्राफी का अद्भुत नमूना है। गिलहरी को आपने एक अलग महत्व प्रदान किया है। अब तोइन महानगरों बेचारी दिखती ही नहीं।

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  12. बहुत मन प्रफुल्लित करने वाली प्रस्तुति..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुंदर ओर प्यारी कविता, हम ने तो दो बार पढी.धन्यवाद

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  14. बच्चों को क्या बड़ों को भी भा गयी ये गिलहरी कविता !

    उत्तर देंहटाएं

  15. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

    उत्तर देंहटाएं

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