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गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

"जाड़े पर छा गयी जवानी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


कुहरा करता है मनमानी।
जाड़े पर छा गयी जवानी।

नभ में धुआँ-धुआँ सा छाया,
शीतलता ने असर दिखाया,
काँप रही है थर-थर काया,
हीटर-गीजर शुरू हो गये,
नहीं सुहाता ठण्डा पानी।
जाड़े पर छा गयी जवानी।। 

बालक विद्यालय को जाते,
कभी न मौसम से घबराते,
 पढ़कर ही काबिल बन पाते,
करो साधना सच्चे मन से,
कहलाओगे ज्ञानी-ध्यानी।
जाड़े पर छा गयी जवानी। 

कहता पापी पेट हमारा,
बिना कमाए नही गुजारा,
काम बिना नहीं कोई चारा,
श्रम करने से जी न चुराओ,
ऋतुएँ तो हैं आनी जानी।
जाड़े पर छा गयी जवानी।।

चूल्हे और अलाव जलाओ,
गर्म-गर्म भोजन को खाओ,
काम समय पर सब निबटाओ,
खाना, सोना और कमाना,
जीवन की है यही कहानी।
जाड़े पर छा गयी जवानी।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. कुहरा करता है मनमानी।
    जाड़े पर छा गयी जवानी।।
    जाड़े पर बहुत ही प्यारा गीत है आपका .पढता ही जा रहा हूँ,बस पढता ही जा रहा हूँ.
    वाह वाह ,क्या बात है

    उत्तर देंहटाएं
  2. चूल्हे और अलाव जलाओ,
    गर्म-गर्म भोजन को खाओ,
    काम समय पर सब निबटाओ,
    खाना, सोना और कमाना,
    जीवन की है यही कहानी।
    जाड़े पर छा गयी जवानी।।

    सही कहा यही तो जीवन है चलते रहना उस पर ऋतुओं का असर कितना पड़ सकता है ..........बहुत सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  3. शास्त्री जी....नमस्कार.......बहुत ही सुंदर रचना......जाड़े का वर्णन बड़े प्यारे ढ़ँग से कर दिया।बहुत खुबसुरत.....धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. कुहरा करता है मनमानी।
    जाड़े पर छा गयी जवानी
    एकदम अलग तरह की पंक्तियाँ ..बहुत सुन्दर.

    उत्तर देंहटाएं
  5. कविता ने कंपा दिया और तस्वीर तो बस रजाई में छिप जाने का निर्देश दे रही है!!

    उत्तर देंहटाएं
  6. रितुएं तो हैं आनी जानी , जाड़े पर छा गई जवानी।

    सुन्दर , मनभावन कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत शानदार रचना... शब्द कहां से लायें...

    उत्तर देंहटाएं
  8. आप की यह कविता पढ कर मुझे भी सर्दी लगने लग गई जी....... राम राम

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह! कितना सुंदर भाव है। कितना अच्छा संदेश। बहुत अच्छी रचना शास्त्री जी।

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह कितनी सुन्दर रचना .....आपकी यही विशेषता आपको सबसे अलग बनाती है . दैनिक जीवन के सामान्य विषयों के माध्यम से भी बहुत सुन्दर और सार्थक सन्देश देती है आपकी रचनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  11. wah kya baat hai....

    aapki, "jaade par chhaa gayi jawaani" ne "sheila ki jawanini" ko fail kar diya.

    उत्तर देंहटाएं
  12. सच है ऋतुएं तो आनी जानी हैं ...बहुत खूबसूरती से जीवन के बारे में कहा है ..सुन्दर गीत

    उत्तर देंहटाएं
  13. जाड़े पर जवानी का छाना.. सुन्दर प्रकृति गीत..

    उत्तर देंहटाएं

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