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सोमवार, 13 दिसंबर 2010

" हमारी जिम्मेदारी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



आते रहेंगे
नये दिन
नये साल
वक्त गुजरेगा
चक्र
चलेगा
जन्म पर मनाई जाएँगी
खुशियाँ
और मत्यु पर 
होंगे मलाल
जिन्दगी पर
भारी होगा काल
--
हर दिन
सूरज उगेगा
रातों में
चन्द्रमा निकलेगा
लेकिन
अमावस की रात में
होगा सिर्फ अन्धकार
जिम्मेदारी हमारी है
कि हम सजाएँ 
जलते दीपकों की कतार
--
आलोकित करें धरा को
बार-बार
ज्ञान का दीपक जलाएँ
हर वार
बार-बार.....!

20 टिप्‍पणियां:

  1. तिमिर के प्रति संघर्ष करने को प्रेरित करती कविता...

    उत्तर देंहटाएं
  2. आलोकित करें धरा को
    बार-बार
    ज्ञान का दीपक जलाएँ
    हर वार
    बार-बार.....
    क्या बात है. बढ़िया.

    उत्तर देंहटाएं
  3. जीवन पथ को आलोकित करती हुई कविता !
    -ज्ञानचंद मर्मज्ञ

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह वाह जीवन पथ को ज्ञान द्वारा आलोकित करने के भाव बहुत ही सुन्दर हैं…………रचना प्रेरित करती है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. प्रेरणादायक रचना.. जीवन का हर पथ आलोकित हो.. यही कामना है..

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ख़ूबसूरत और शानदार रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  7. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी रचना कल मंगलवार 14 -12 -2010
    को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..


    http://charchamanch.uchcharan.com/

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपकी ये रचना बार-बार पढ़ने लायक़ और प्रेरणा देने वाली है। आपके ब्लॉग पर आना बहुत ही सुखद रहा। इतनी अच्छी रचना पढ़ने को मिली।


    कल आप मेरे ब्लॉग पर आए तो बहुत ही ख़ुशी हुई।

    आप एक बार पहले भी मेरे ब्लॉग पर आए थे तो आपने मुझसे ब्लॉग का नाम हिन्दी में रखने के लिए कहा था। मैंने तुरन्त ब्लॉग का नाम हिन्दी में कर दिया था। लेकिन तब के बाद आप
    अब आए। उम्मीद करता हूँ कि आपको ब्लॉग पसन्द आया होगा। आपका हर सुझाव मेरे लिए आपका आदेश होगा। इसीलिए बताते रहिएगा।

    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आपको दिल से धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही खूबसूरत और प्रेरक रचना...आभार

    उत्तर देंहटाएं
  10. अच्छी कविता!
    बहुत बढ़िया रचना!
    ( किन्तु यह 'अकविता' क्यों है साहब !)

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत परिष्कृत लेखन है आपका |आज की कविता बहुत अच्छी लगी बहुत बहुत बधाई |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति.........मेरा ब्लाग"काव्य कल्पना" at http://satyamshivam95.blogspot.com/ जिस पर हर गुरुवार को रचना प्रकाशित साथ ही मेरी कविता हर सोमवार और शुक्रवार "हिन्दी साहित्य मंच" at www.hindisahityamanch.com पर प्रकाशित..........आप आये और मेरा मार्गदर्शन करे..धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  13. बेहद सुन्दर ज्ञानवर्धक कविता जिसमे ज्ञान का दीपक जलाए रखने की बात कही गयी है.. .. भौति मृत्यो और जीवन से परे सभी कि जिम्मेदारी..

    उत्तर देंहटाएं
  14. नमन शास्त्री जी| आप सही कह रहे हैं, प्रयास होते रहने चाहिए हर बार, बारंबार, लगातार|

    उत्तर देंहटाएं
  15. सत्य कहा...

    मन आलोकित करती प्रेरणाप्रद प्रवाहमयी अतिसुन्दर रचना...वाह !!!

    उत्तर देंहटाएं

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