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शुक्रवार, 10 दिसंबर 2010

"गइया और बछड़ा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 
सड़क  किनारे जो भी पाया,
पेट उसी से यह भरती है।
मोहनभोग समझकर,
भूखी गइया तिनके चरती है।। 
 
कैसे खाऊँ मैं कचरे को,
बछड़ा मइया से कहता है।
दूध सभी दुह लेता मालिक,
उदर मेरा भूखा रहता है।। 

भोजन की आशा में बछड़ा,
इधर-उधर को ताक रहा है।
कोई रोटी लेकर आये,
दरवाजे को झाँक रहा है।।

हरी घास के लाले हैं तो,
भूसा मुझे खिलाओ भाई।
मेरे हिस्से की खा जाते,
तुम सारी ही दूध-मलाई।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. भोजन की आशा में बछड़ा,
    इधर-उधर को ताक रहा है।
    कोई रोटी लेकर आये,
    दरवाजे को झाँक रहा है
    खूबसूरत भी करुण भी ....

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेह्द मार्मिक चित्रण किया है सच का।

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी यह रचना कल के ( 11-12-2010 ) चर्चा मंच पर है .. कृपया अपनी अमूल्य राय से अवगत कराएँ ...

    http://charchamanch.uchcharan.com
    .

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह आप तो किसी भी विषय पर इतनी सुंदर रचना गढ़ देते हैं. आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर कविता, और खुद के डोमेन पर शिफ़्ट होने की बहुत बधाई, मिठाई की तस्वीर लगा देते या फ़िर मिठाई पर कोई कविता ही इस खुशी के मौके पर लगा देते.:)

    बहुत बहुत बधाई.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  6. @ ताऊ रामपुरिया!
    ताऊ राम-राम!
    लड्डू भी हैं जी!
    आप मेरा नन्हें सुमन ब्लॉग तो देखिए!

    उत्तर देंहटाएं
  7. इन जानवरो की बद दुआ से बचना चाहिये, पता नही लोग केसे गाय ओर अन्य जानवरो को सडको पर छोड देते हे, ओर दुध के समय दुध दोहना अपना फ़र्ज ओर हक समझते हे, लानत हे इन पर, आप ने बहुत सुंदर शव्दो मे गाय ओर बछडे का दुख व्याण किया, धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं

  8. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

    उत्तर देंहटाएं
  9. जो हमें पाल पोस कर बड़ा कर रहा है, उसके साथ भी इतना अन्याय

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपकी बाल कविताओ का जवाब नही

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुंदर प्रस्तुति... सच में आपकी कविताओं का जवाब नहीं...

    उत्तर देंहटाएं
  12. कैसे खाऊँ मैं कचरे को,
    बछड़ा मइया से कहता है।
    दूध सभी दुह लेता मालिक,
    उदर मेरा भूखा रहता है।।

    बहुत बढ़िया तरीके से ओरास्तुत किया है

    उत्तर देंहटाएं

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