"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

मंगलवार, 14 दिसंबर 2010

"प्रणय का पथ प्रशस्त" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

बुनते-बुनते ताना-बाना,
कोई जीवनभर रहा पस्त।।
परिणय बन्धन जब से बाँधा,
हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

कुछ ऐसे भी हैं भाग्यवान,
जिनके साथी करुणानिधान,
गाते दिन-प्रतिदिन मधुर गान,
जीवनभर रहते सदा मस्त।
हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

कुछ को फूलों का ताज मिला,
कुछ को काँटों की राज मिला,
कुछ को नहीं कोई काज मिला,
कुछ अपनों से हो गये त्रस्त।
हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

कोई दौलत में खेल रहा,
कोई विपदाएँ झेल रहा,
कोई पापड़ को बेल रहा,
सब कीर्तिमान हो गये ध्वस्त।
हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

कुछ भूतल पर सो जाते है,
कुछ गद्दों पर अकुलाते हैं,
कुछ काँटों में मुस्काते हैं,
पश्चिम में होता सूर्य अस्त।
हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

23 टिप्‍पणियां:

  1. कुछ ऐसे भी हैं भाग्यवान,
    जिनके साथी करुणानिधान,
    गाते दिन-प्रतिदिन मधुर गान,
    जीवनभर रहते सदा मस्त।
    हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

    आज तो बहुत ही सुन्दर रचना लिखी है ……………सभी तरह के भावो को संजो दिया है……………बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  2. कुछ भूतल पर सो जाते है,
    कुछ गद्दों पर अकुलाते हैं,
    wah.kitna saral,kitna sahaj itna bada saach.

    उत्तर देंहटाएं
  3. हो गया प्रणय का पथ प्रशस्‍त। मनभावन रचना है, बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  4. कविता के कुछ मिसरे बहुत ख़ूबसूरत बने हैं ,पर एक दो मिसरों में कान्ट्रावर्सी झलक रही है और कथ्य
    उलझा उलझा लग रहा है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. सार्थक और समसमायिक कविता है. जीवन की विसंगतियों का सुन्दर चित्रण पढ़कर अच्छा लगा.

    उत्तर देंहटाएं
  6. आदरणीय डा.मयंक जी,
    बहुत दिनों बाद एक अच्छा गीत पढने को मिला !
    गीत की इन पंक्तियों ने तो मन को अन्दर तक सिंचित कर दिया!
    कुछ भूतल पर सो जाते है,
    कुछ गद्दों पर अकुलाते हैं,
    कुछ काँटों में मुस्काते हैं,
    पश्चिम में होता सूर्य अस्त।
    हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।
    साभार ,
    -ज्ञानचंद मर्मज्ञ

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर। वैसे मौसम भी प्रणय का ही चल रहा है। अच्‍छा लगा पढ कर।

    ---------
    दिल्‍ली के दिलवाले ब्‍लॉगर।

    उत्तर देंहटाएं
  8. कोई दौलत में खेल रहा,
    कोई विपदाएँ झेल रहा,
    कोई पापड़ को बेल रहा,
    सब कीर्तिमान हो गये ध्वस्त।
    हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।।

    क्या सच्ची और सुन्दर बात कही !

    उत्तर देंहटाएं
  9. जीवन की विसंगतियों को बताती अच्छी रचना ...खूबसूरत गीत

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह, नया विषय, जीवन के बिम्बों से जुड़ा।

    उत्तर देंहटाएं
  11. मुकम्मल जहां की तलाश में हम सब!

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह जी बहुत ही सुंदर, आज तो लगा जेसे कोई गीत गुन गुना रहे हो, धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  13. कुछ को फूलों का ताज मिला,
    कुछ को काँटों की राज मिला,
    कुछ को नहीं कोई काज मिला,
    कुछ अपनों से हो गये त्रस्त।
    हो गया प्रणय का पथ प्रशस्त।। प्रणय की बाद घर परिवार के दुख सुखों का सुन्दर वर्णन । बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत खूबसूरत एहसास...बधाई.

    'सप्तरंगी प्रेम' के लिए आपकी प्रेम आधारित रचनाओं का स्वागत है.
    hindi.literature@yahoo.com पर मेल कर सकते हैं.

    उत्तर देंहटाएं
  15. एकदम सत्य कहा आपने,यह पथ तो ऐसा ही है....

    कोमल सुन्दर प्रवाहमयी मन मुग्ध करती अतिसुन्दर रचना...

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails