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शुक्रवार, 11 मार्च 2011

"बुरा न मानो होली है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


चहक रही रंगोली है।
बुरा न मानो होली है।।

घर में और बाजार में, चहक रहे हैं रंग।
कलियों के भी चमन में, महक रहे हैं अंग।
चहक रही रंगोली है।
बुरा न मानो होली है।।

कोयलिया की कुहुक है, भँवरों की गुंजार।
अमराई गदरा रही, बहती सुखद बयार।
चहक रही रंगोली है।
बुरा न मानो होली है।।

गेहूँ पर हैं बालियाँ, सरसों पर मुस्कान।
अन्न देखकर खेत में, खुश होता इन्सान।
चहक रही रंगोली है।
बुरा न मानो होली है।।

जली आग में होलिका, बचा भक्त प्रहलाद।
झूठ-सत्य के द्वन्द्व में, सच्चाई आबाद।
चहक रही रंगोली है।
बुरा न मानो होली है।।

आमन्त्रण को बाँटता, वासन्ती ऋतुराज।
हिल-मिलकर सद्भाव से, खेलो जमकर फाग।
चहक रही रंगोली है।
बुरा न मानो होली है।।

23 टिप्‍पणियां:

  1. शास्त्री जी होली की अग्रिम शुभ कामनाए --
    "बुरा न मानो होली है" --होली के सुअवसर पर आपकी एक रंगा रंग भेट ---बधाई |

    उत्तर देंहटाएं
  2. कभी कभी शब्द कम पड़ जाते हैं आपकी रचनाओं के बारे में लिखने के लिये..

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी पोस्टें पढंकर होली की रंग, तरंग और भंग चढ़ती जा रही है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. होली की त्यौहार पर मचता रहे धमाल
    भले बजाओ ढोलकी भले बजे फिर थाल
    रंग रंगीली रचना। बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  5. आमन्त्रण को बाँटता, वासन्ती ऋतुराज।
    हिल-मिलकर सद्भाव से, खेलो जमकर फाग।
    चहक रही रंगोली है।
    बुरा न मानो होली है।......

    होली का स्वागत करती रंगीन कविता. शुभकामना.

    उत्तर देंहटाएं
  6. kya baat hai sir aapke.... happy holi... bouth sunder post hai ji aapka
    Visit my blog plz
    Download Music
    Lyrics Mantra

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह वाह शास्त्री जी……………बहुत सुन्दर रंग उँडेले हैं और वैसे भी होली पर बुरा कैसे माना जा सकता है………आखिर रंगो बिना जीवन मे है ही क्या।

    उत्तर देंहटाएं
  8. होली के अवसर पर बहुत ही सार्थक और रंगारंग प्रस्तुति..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  9. आमन्त्रण को बाँटता, वासन्ती ऋतुराज।
    हिल-मिलकर सद्भाव से, खेलो जमकर फाग
    होली के रंग में रंगे सारे दोहे बेहद सुन्दर और भावपूर्ण हैं !
    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  10. होली पर सुन्दर प्रस्तुति ....बहुत से रंगों से रंग दिया ..

    उत्तर देंहटाएं
  11. गेहूँ पर हैं बालियाँ, सरसों पर मुस्कान।
    अन्न देखकर खेत में, खुश होता इन्सान।
    चहक रही रंगोली है।
    बुरा न मानो होली है।
    .
    बहुत सुंदर और क्या सजाया है होती पे.

    उत्तर देंहटाएं
  12. चहकती, महकती रंगारंग होली की इस बेहतरीन प्रस्तुति के लिये आभार सहित बधाई व शुभकामनाएँ...

    उत्तर देंहटाएं
  13. होली के रंगारंग अवसर पर चुटीला अंदाज। वाह।

    उत्तर देंहटाएं
  14. होली का सुन्दर स्वागत गीत ...!

    उत्तर देंहटाएं

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