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बुधवार, 16 मार्च 2011

"खेलें हिल-मिल होली" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



सजी हैं घर-घर में रंगोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
शीतल जल की बौछारों से खेलेंगें हम फाग,
प्यार की बोलेंगे हम बोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

उनको रंग लगाएँ, जो भी खुश होकर लगवाएँ,
बूढ़ों और असहायों को हम, बिल्कुल नहीं सताएँ,
करें मर्यादित हँसी-ठिठोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

कीचड़-कालिख, वस्त्र फाड़ना, नहीं सभ्यता होती,
लज्जा ढकने को होती है, चोली, दामन धोती,
बनाकर मानवता की टोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

शस्य-शयामला धरा सजी है, हर्षित होकर गाएँ,
खेतों में से सोने जैसी, फसल काट कर लाएँ,
रहे ना रिक्त किसी की झोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

22 टिप्‍पणियां:

  1. नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
    शीतल जल की बौछारों से खेलेंगें हम फाग,
    प्यार की बोलेंगे हम बोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।
    बहुत सु8न्दर सन्देश है। होली पर जो आजकल हुददंग होता है उससे होली का उल्लास कई बार जाता रहता है। ये सन्देश सब को जाना चाहिये। धन्यवाद। होली की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  2. .

    उनको रंग लगाएँ, जो भी खुश होकर लगवाएँ,
    बूढ़ों और असहायों को हम, बिल्कुल नहीं सताएँ,
    करें मर्यादित हँसी-ठिठोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।


    सार्थक सन्देश देती अति-उत्कृष्ट रचना।

    .

    उत्तर देंहटाएं
  3. सार्थक सन्देश देती सुन्दर रचना ..आपके हर गीत में सन्देश होता है ..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  4. होली सारे भेद भुलाने को त्योहार है। सुन्दर कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  5. नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
    शीतल जल की बौछारों से खेलेंगें हम फाग-
    bahut sateek abhvyaktee .Holi parv ki hardik shubhkamnayen

    उत्तर देंहटाएं
  6. नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
    शीतल जल की बौछारों से खेलेंगें हम फाग,
    प्यार की बोलेंगे हम बोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

    भाई चारे का सन्देश देती बड़ी ही प्यारी पंक्तियाँ !
    होली के रंग के साथ जीवन के रंगों का खूबसूरत ताल मेल !
    आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (17-3-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सार्थक सन्देश देता सुन्दर होली गीत...आभार

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत अच्छी ओर सुन्दर प्रस्तुति!

    उत्तर देंहटाएं
  10. सार्थक सन्देश देती सुन्दर रचना|धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  11. अच्छी रचना बधाई |होली के अवसर पर हार्दिक शुभ कामनाएं
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  12. रंग भरे त्यौहार पर मर्यादित व्यवहार को प्रोत्साहित करती सार्थक रचना !

    उत्तर देंहटाएं
  13. सार्थक सन्देश देती अति-उत्कृष्ट रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  14. रंगों का त्यौहार बहुत मुबारक हो आपको और आपके परिवार को|

    उत्तर देंहटाएं
  15. कई दिनों व्यस्त होने के कारण  ब्लॉग पर नहीं आ सका
    बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ..

    उत्तर देंहटाएं
  16. नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
    शीतल जल की बौछारों से खेलेंगें हम फाग,
    प्यार की बोलेंगे हम बोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

    वाह वाह वाह वाह .
    सही और सार्थक सन्देश होली पर्व पर.

    उत्तर देंहटाएं
  17. नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
    शीतल जल की बौछारों से खेलेंगें हम फाग,
    प्यार की बोलेंगे हम बोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

    सार्थक रचना....बधाई...
    होली की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं

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