"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

गुरुवार, 10 जनवरी 2013

"कब तक मौन रहोगे?" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

 
कब तक यूँ चुपचाप रहोगे?
कब तक अत्याचार सहोगे?
आखिर कब तक मौन रहोगे?

सीमा पर जो जूझ रही है,
वो सेना कुछ बूझ रही है,
समय आ गया कुछ करने का,
दुश्मन का जीवन हरने का,
कुछ तो बोलो मौन केसरी,
आखिर कब तक मौन रहोगे?

 दशकों से हम झेल रहे हैं,
फिर भी क्रिकेट खेल रहे हैं,
सुधर नहीं पाया जो अब तक,
जाँचों-परखोगे तुम कब तक,
अब तो दो आदेश युद्ध का,
आखिर कब तक मौन रहोगे?

 जिसके हैं नापाक इरादे,
वो क्या जाने कसमें-वादे,
कब्जा अब कब्जाना होगा,
माँ का कर्ज चुकाना होगा,
ज़ालिम का भूगोल मिटा दो,
आखिर कब तक मौन रहोगे?

22 टिप्‍पणियां:

  1. निर्भाव बिजूके को फटकारती बेहतरीन प्रासंगिक रचना जोश और खरोश की .इसी की ज़रुरत है .

    उत्तर देंहटाएं
  2. पैमाना अब सब्र का, कांग्रेस लबरेज ।
    ठोकर मारेंगे भड़क, शान्ति-वार्ता मेज ।

    शान्ति-वार्ता मेज, दामिनी को दफनाया ।
    नक्सल के इक्कीस, पाक की हरकत जाया ।

    आज पड़ी जो मार, मरे अब्दुल दीवाना ।
    बेगाने का व्याह, छलक जाता पैमाना ।।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया ..शायद हम सब भी यही कहना चाहते हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  5. साहित्‍यकार लिख-लिखकर थक गए लेकिन इन मौनी बाबा को हिम्‍मत ही नहीं आती।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत बढ़िया .हम सब लिख-लिखकर थक गए .

    उत्तर देंहटाएं
  7. कुछ भी कहे जाओ मौनी बाबा का मौन नही टूटेगा बस यही इस देश पर लगा सबसे बडा ग्रहण है

    उत्तर देंहटाएं
  8. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
    आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

    उत्तर देंहटाएं

  9. पैमाना अब सब्र का, कांग्रेस लबरेज ।
    ठोकर मारेंगे भड़क, शान्ति-वार्ता मेज ।

    शान्ति-वार्ता मेज, दामिनी को दफनाया ।
    नक्सल के इक्कीस, पाक की हरकत जाया ।

    आज पड़ी जो मार, मरे अब्दुल दीवाना ।
    बेगाने का व्याह, छलक जाता पैमाना ।।
    ये तो हद है भाई साहब आस्तीनों के सांप से यारी कैसी ?मारो पाकियों को ...

    उत्तर देंहटाएं
  10. अब तो दो आदेश युद्ध का,
    आखिर कब तक मौन रहोगे?,,,उत्कृष्ट प्रस्तुति,,,

    ना जाने कब मोह भंग होगा,,,,
    recent post : जन-जन का सहयोग चाहिए...

    उत्तर देंहटाएं
  11. 'युद्ध' तो साम्राज्यवादी=सांप्रदायिक शक्तियाँ चाहती ही हैं परंतु वह समाधान नहीं है। 'शांति' चाहते हैं तो 'भारत-पाक-बांग्लादेश महासंघ' का गठन करना और साम्राज्यवाद=साम्प्र्डायवाद को शिकस्त देना होगा।
    डेढ़ दोस्त

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत बढिया...........

    लगता है इस सरकार का मौन कभी नहीं टूटेगा :(

    उत्तर देंहटाएं
  13. विजयराजबली माथुर जी!
    इसकी क्या गारंटी है कि पाकिस्तान अपनी गन्दी हरकतें बन्द कर देगा!

    उत्तर देंहटाएं
  14. सोचना होगा कि आखिर हमें अच्छे संबंधों की चाह से क्या मिला

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत बढ़िया ..शायद हम सब
    भी यही कहना चाहते हैं

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत सशक्त प्रभावी प्रस्तुति...

    उत्तर देंहटाएं
  17. वाकई...दुश्‍मन के जीवन हरने का वक्‍त आ गया है

    उत्तर देंहटाएं
  18. बहुत सुन्दर सार्थक प्रस्तुति बहुत चिंतनीय स्थिति है इस देश की जिसका प्रधानमन्त्री ऐसा हो बिलकुल ठीक लिखा है आपने नव वर्ष की हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  19. क्यों फैली है क्षुब्ध निराशा,
    चोट हृदय पर, द्विगुणित आशा।

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails