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सोमवार, 14 जनवरी 2013

"खिचड़ी खूब पकाओ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')



धनु से मकर लग्न में सूरज, आज धरा पर आया।
गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।।
गंगा जी के तट पर, अपनी खिचड़ी खूब पकाओ,
खिचड़ी खाने से पहले, निर्मल जल से तुम नहाओ,
आसमान में खुली धूप को सूरज लेकर आया।
गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।।

स्वागत करो बसन्त ऋतु का, जीवन में रस घोलो,
तिल-चौलाई के लड्डू को खाकर मीठा बोलो,
इस अवसर पर सबके मन में है उल्लास समाया।
गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।।
खुशियों की डोरी से नभ में अपनी पतंग उड़ाओ,
मन में भरकर जोश जीत का जमकर पेंच लड़ाओ,
झुण्ड पंछियों का नभ में, यह खेल देखने आया।
गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।।

कुछ दिन में ध्वज फहरायेंगे, भारतभाग्यविधाता,
प्यारा सा गणतन्त्रदिवस भी इसी माह में आता,
पर्व सलोना त्यौहारों की गठरी को संग लाया।
गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।।

25 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूबसूरत आह्वान …………मकर संक्रांति की शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. शीत ऋतू में खिचड़ी खाने में मजा तो आता है परन्तु दिल्ली दरबार में डिजेल ,गैस को लेकर जो खिचड़ी पक रही है उस से तो पेट दरद शुरू हो गया है,खिचड़ी खाए कैसे .-आपकी रचना बहुत अच्छी है.

    उत्तर देंहटाएं
  4. और कुछ हो न हो किन्तु हम भारतीयों को खिचडी पकाने में खूब दक्षता हासिल है :) मकर संक्रांति की शुभकामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  5. मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  6. मकर संक्रांति की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार 15/1/13 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां हार्दिक स्वागत है

    उत्तर देंहटाएं
  8. मकर संक्रांति की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  9. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
    आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपकी स्वादिष्ट खिचड़ी बहुत आत्मा को भायो .....

    उत्तर देंहटाएं
  11. मकर संक्रांति की शुभकामनायें,,,
    बहुत सुंदर उम्दा प्रस्तुति,,,

    recent post: मातृभूमि,

    उत्तर देंहटाएं
  12. मकर संक्रांति की शुभकामनायें....

    उत्तर देंहटाएं


  13. ✿♥❀♥❁•*¨✿❀❁•*¨✫♥
    ♥सादर वंदे मातरम् !♥
    ♥✫¨*•❁❀✿¨*•❁♥❀♥✿


    धनु से मकर लग्न में सूरज, आज धरा पर आया।
    गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया।।


    वाह आदरणीय डॉ. शास्त्री जी वाह !

    कोई ऐसा विषय नहीं , कोई ऐसी बात नहीं , जिस पर आप गीत-कविता न लिख पाएं ...
    मां सरस्वती की कृपा बनी रहे ।


    हार्दिक मंगलकामनाएं …
    लोहड़ी एवं मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर !

    राजेन्द्र स्वर्णकार
    ✿◥◤✿✿◥◤✿◥◤✿✿◥◤✿◥◤✿✿◥◤✿◥◤✿✿◥◤✿

    उत्तर देंहटाएं
  14. सभी दृश्य रचना में समाहित, वाह ! आनंद आ गया.....

    उत्तर देंहटाएं
  15. मकर संक्रांति की पुनः बधाई सहित सुन्दर रचना के लिए आभार ....

    संक्रांति का अर्थ "संयुक्त क्रान्ति" समझने का वक्त है आया ...

    गया शिशिर का समय और ठिठुरन का हुआ सफाया

    उत्तर देंहटाएं
  16. बड़ी स्वादिष्ट खिचड़ी पक गयी ..मजा आ गया ...
    मकर संक्रांति पर्व की शुभकामना!!!!!!!!!!!!!!!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  17. दिवस उत्सव के सभी रंग समेटे है यह रचना .

    उत्तर देंहटाएं
  18. मकर संक्रांति की शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  19. बहुत सुंदर उम्दा प्रस्तुति,,,

    उत्तर देंहटाएं
  20. बहुत बढ़ि‍या...आपको भी मकर संक्रांति की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  21. वाह बहुत ही बढ़िया सुमधुर गीत, मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें....

    उत्तर देंहटाएं

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