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रविवार, 6 जनवरी 2013

“ज़िन्दग़ी सस्ती हुई” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मौत महँगी हो गई है, ज़िन्दग़ी सस्ती हुई।
बन्दगी भी यहाँ पर, अब तो मटरगश्ती हुई।।

ले रहे हैं सब मज़ा, इंसानियत की लाश पर,
अब दिखावे लिए, पागल यहाँ बस्ती हुई।

उस समय कोई न आया था मदद के वास्ते,
जब भँवर के हवाले थी, अज़नबी कश्ती हुई।

आबरू के वास्ते, खामोश हो जाते बशर,
सब नहीं कह पायेंगे, उनसे ज़बरदस्ती हुई।

“रूप” को जिसने भी देखा, कर दिया बेनूर ही,
मनचलों के वास्ते, दुनिया महज मस्ती हुई।

20 टिप्‍पणियां:

  1. “रूप”को जिसने भी देखा, कर दिया बेनूर ही,
    मनचलों के वास्ते, दुनिया महज मस्ती हुई।,,,,

    वाह बहुत लाजबाब सटीक प्रस्तुति,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  2. सबकी अपनी मस्ती छायी, धरती आज कराई रही है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सटीक रचना, शुभकामनाएं.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  4. bilkul satik abhivyakti............ek ek shabd dil ko kachotne wala

    उत्तर देंहटाएं
  5. मनचलों के वास्ते -
    सचमुच -
    सटीक -
    आभार ||

    उत्तर देंहटाएं
  6. सच में बहुत सटीक रचना
    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह!
    आपकी यह पोस्ट कल दिनांक 07-01-2013 के चर्चामंच पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  8. “रूप”को जिसने भी देखा, कर
    दिया बेनूर ही,
    मनचलों के वास्ते, दुनिया महज
    मस्ती हुई।,,,,
    वाह बहुत लाजबाब सटीक
    प्रस्तुति,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  9. सच को बयान करती दुखभरी रचना ! हर कोई यही कह रहा है...मगर सुनने वाला कोई है भी...???
    ~सादर!!!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सटीक और सुन्दर अभिव्यक्ति..

    उत्तर देंहटाएं
  11. यहाँ तो बस कुछ भी घटना घटित हो

    सब अपने अपने ढंग से रोटी सेंकने के

    प्रयास में लग जाते हैं ...बहुत ही सुन्दर

    भावपूर्ण रचना के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

    व आभार .....वर्तमान घटना तो बर्बरता की सीमा

    लांघने वालों से अवगत कराया है साथ ही

    उनकी सजा के लिए सब के सब एकजुट हुए हैं ..

    उत्तर देंहटाएं
  12. सटीक और सुन्दर अभिव्यक्ति.. आबरू के वास्ते, खामोश हो जाते बशर,
    सब नहीं कह पायेंगे, उनसे ज़बरदस्ती हुई।

    “रूप” को जिसने भी देखा, कर दिया बेनूर ही,
    मनचलों के वास्ते, दुनिया महज मस्ती हुई।..... new post betiyan

    उत्तर देंहटाएं
  13. सटीक और संवेदनशील अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  14. वाह! क्या बात है, बहुत सुंदर।

    उत्तर देंहटाएं

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