मित्रों!
आज मातृदिवस है!
आप सबको मातृदिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ..!
प्रतिदिन मातादिवस है, रोज़ करो गुणगान।
प्रतिदिन होना चाहिए, माता का सम्मान।।
ममता का पर्याय है, जग में माँ का नाम।
माँ की पूजा से मिलें, हमको चारों धाम।।
सच्चे मन से माँ सदा, देती है आशीष।
चरण-युगल में मातु के, रोज नवाना शीश।।
माता ने जीवन दिया, दुनिया दी दिखलाय।
माता के ऋण से कभी, मुक्ति न कोई पाय।।
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बेहद खूबसूरत रचना..मातृ दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं...
जवाब देंहटाएंबेहतरीन प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंअति सुन्दर
माता के ऋण से कभी, मुक्ति न कोई पाय।।
जवाब देंहटाएंसच कहा आपने ......शुभकामनायें
सच माँ का एक दिन हो ही नहीं सकता उसका तो हरदिन है .. बहुत सुन्दर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंमातृ दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं!!
माँ को प्रणाम .........माँ के लिए कोइ एक दिन न्यायसंगत नही लगता
जवाब देंहटाएंलेकिन हाँ एक दिन विशिष्ट हो सकता है माँ के लिए ....................
जैसे जन्म का दिन एक हो होता है ............मातृ दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं!!
अति सुन्दर,मातृ दिवस की शुभकामनाएं!
जवाब देंहटाएंlatest post हे ! भारत के मातायों
latest postअनुभूति : क्षणिकाएं
सुन्दर.,मातृ दिवस पर रचना...शुभकामनाये...
जवाब देंहटाएंअच्छी रचना
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
अति सुन्दर,आपको भी मातृ दिवस की शुभकामनाएं!
जवाब देंहटाएंसच कहा आपने !
जवाब देंहटाएंभोजन-पानी प्रतिदिन, प्रतिदिन ऐश का हर सामान |
फिर क्यों ना हम करें रोज़ हम नारी का सम्मान !!
सच कहा आप ने !
जवाब देंहटाएंभोजन- पानी प्रतिदिन, प्रतिदिन ऐश के सब सामान |
फी प्रतिदिन क्यों करें नहीं हम, माता का सम्मान !!
माताओं को नमन..
जवाब देंहटाएंविश्व की समस्त माताओं को नमन. सृष्टि की रचयित्ता हैं वे.
जवाब देंहटाएंसुंदर भाव शास्त्री सर!
जवाब देंहटाएंसच है! हर दिन मातृ-दिवस है! माँ का ऋण कभी कोई नहीं चुका सकता.....
~सादर!!!
सच ही कहा है आपने ....हर दिन माँ का है
जवाब देंहटाएंहर माँ को नमन
कल 11/05/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
जवाब देंहटाएंधन्यवाद !