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रविवार, 26 मई 2013

"हमें बहुत ही ललचाते हैं" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जब गर्मी का मौसम आता,
सूरज तन-मन को झुलसाता। 
तन से टप-टप बहे पसीना
जीना दूभर होता जाता। 
 
ऐसे मौसम में पेड़ों पर
फल छा जाते हैं रंग-रंगीले। 
उमस मिटाते हैं तन-मन की
खाने में हैं बहुत रसीले। 
 
ककड़ी-खीरा और खरबूजा
प्यास बुझाता है तरबूजा।
जामुन पाचन करने वाली,
लीची मीठे रस का कूजा। 
 
आड़ू और खुमानी भी तो
सबके ही मन को भाते हैं।
आलूचा और काफल भी तो
हमें बहुत ही ललचाते हैं।
 
कुसुम दहकते हैं बुराँश पर
लगता मोहक यह नज़ारा।
इन फूलों के रस का शर्बत
शीतल करता बदन हमारा।
 
आँगन और बगीचों में कुछ,
फल वाले बिरुए उपजाओ।
सुख से रहना अगर चाहते
पेड़ लगाओ-धरा बचाओ।

20 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत ही सुन्दर...मौसमी फलो का सुन्दर चित्रण....उपदेश देती कविता....

    जवाब देंहटाएं
  3. आपकी ये रचना मैंने शेयर की हुई है
    आप जब भी विश्राम करने की इच्छा हो
    पधार कर इस चिलचिलाती गर्मी में सुकून प्राप्त कर सकते हैं....

    कल्पनातीत ,
    अपूर्व-सुंदर रचना
    सादर
    पुनः संपादित प्रतिक्रिया

    जवाब देंहटाएं
  4. गर्मी का सब ताप हरें ये,
    सबको शीतल आप करें ये।

    जवाब देंहटाएं
  5. सार्थक संदेश देती सुन्दर प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  6. अतिसुन्दर,सार्थक संदेश देती सुन्दर प्रस्तुति,आभार.

    जवाब देंहटाएं
  7. क्या बात है,
    मौसमी फलों को शानदार शेक तैयार किया आपने
    बहुत सुंदर

    जवाब देंहटाएं
  8. इन मौसमी फलों को देख कर मुहँ में पानी आ गया ....वाह बहुत खूब

    जवाब देंहटाएं
  9. कविता बहुत सुन्दर और रसीली है...

    जवाब देंहटाएं
  10. kavita sundar swad ,rang rup se saji hai,bahut khoob

    जवाब देंहटाएं
  11. बहुत ही सुन्दर, भावपूर्ण और सशक्त लेखनी | शानदार अभिव्यक्ति | सादर आभार |

    आप भी कभी यहाँ पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  12. गुरु जी को प्रणाम
    रसीली और सार्थक सन्देश देती रचना

    जवाब देंहटाएं
  13. वाह बेहतरीन प्रस्‍तुति

    जवाब देंहटाएं
  14. मुझे भी आड़ू खूब पसंद हैं ...बहुत बढ़िया ...

    जवाब देंहटाएं
  15. ककड़ी-खीरा और खरबूजा,
    प्यास बुझाता है तरबूजा।
    जामुन पाचन करने वाली,
    लीची मीठे रस का कूजा। ..

    वाह गर्मी के मौसम में भी मौसम की फुहार ला दी आपने तो शास्त्री जी ...
    लाजवाब और मधुर गीत है ... नमस्कार जी ...

    जवाब देंहटाएं
  16. बेहतरीन रचना ..लाजबाब फोटो .. सादर बधाई के साथ

    जवाब देंहटाएं
  17. बहुत सुन्दर रचना और सुन्दर सन्देश
    पेड़ लगाओ धरा बचाओ

    जवाब देंहटाएं
  18. बहुर सुन्दर रचना और सन्देश
    पेड़ लगाओ धरा बचाओ

    जवाब देंहटाएं

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