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बुधवार, 22 मई 2013

"कहाँ गयी केशर क्यारी?" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज देश में उथल-पुथल क्यों,
क्यों हैं भारतवासी आरत?
कहाँ खो गया रामराज्य,
और गाँधी के सपनों का भारत?

आओ मिलकर आज विचारें,
कैसी यह मजबूरी है?
शान्ति वाटिका के सुमनों के,
उर में कैसी दूरी है?

क्यों भारत में बन्धु-बन्धु के,
लहू का आज बना प्यासा?
कहाँ खो गयी कर्णधार की,
मधु रस में भीगी भाषा?

कहाँ गयी सोने की चिड़िया,
भरने दूषित-दूर उड़ाने?
कौन ले गया छीन हमारे,
अधरों की मीठी मुस्काने?

किसने हरण किया धरती का,
कहाँ गयी केशर क्यारी?
प्रजातन्त्र की नगरी की,
क्यों आज दुखी जनता सारी?

कौन राष्ट्र का हनन कर रहा,
माता के अंग काट रहा?
भारत माँ के मधुर रक्त को,
कौन राक्षस चाट रहा?

19 टिप्‍पणियां:

  1. मुझे आप को सुचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि
    आप की ये रचना 24-05-2013 यानी आने वाले शुकरवार की नई पुरानी हलचल
    पर लिंक की जा रही है। सूचनार्थ।
    आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाना।

    मिलते हैं फिर शुकरवार को आप की इस रचना के साथ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सटीकता को प्रदर्शित करती सुन्दर रचना !!

    उत्तर देंहटाएं
  3. कौन राष्ट्र का हनन कर रहा,
    माता के अंग काट रहा?
    भारत माँ के मधुर रक्त को,
    कौन राक्षस चाट रहा?

    सुन्दर रचना शास्त्री जी ! किसी भी कोने पे नजर दौडायेंगे तो ऐसे बहुतेरे राक्षस नजर आ जायेंगे !

    उत्तर देंहटाएं
  4. कौन राष्ट्र का हनन कर रहा,

    माता के अंग काट रहा?

    भारत माँ के मधुर रक्त को,

    कौन राक्षस चाट रहा?


    अदभूत .... राष्ट्र प्रेम से छलक़ती हुई दिल को छूनेवाली रचना

    उत्तर देंहटाएं
  5. चारों ओर अब तो लुटेरे ही लुटेरे दिखते हैं ………सार्थक अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  6. सार्थक सन्देश देती,सटीकता को प्रदर्शित करती सुन्दर रचना,आभार आदरणीय.

    उत्तर देंहटाएं
  7. भारत का नेता ही ,भारत को चाट रहा है ,
    कुर्सी पे बैठा वह जन जन को काट रहा है ॥

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपकी प्रस्तुति कल के चर्चा मंच पर है
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सारे ऐसे प्रश्न हैं जिनका समाधान ढूंढना होगा।

    उत्तर देंहटाएं

  10. बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति ..आभार . बाबूजी शुभ स्वप्न किसी से कहियो मत ...[..एक लघु कथा ] साथ ही जानिए संपत्ति के अधिकार का इतिहास संपत्ति का अधिकार -3महिलाओं के लिए अनोखी शुरुआत आज ही जुड़ेंWOMAN ABOUT MAN

    उत्तर देंहटाएं
  11. गुरु जी को प्रणाम
    बहुत ही सटीक रचना प्रेरणात्मक ,जागरूक करती हुई

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत सुंदर सार्थक प्रस्तुति!! मेरा पोस्ट ' देश की आवाज बन सकते हैं हम 'भी पढ़े plz

    उत्तर देंहटाएं
  13. प्रणाम मयंक जी , सभी अनसुलझे सवाल और देश के हालात एक साथ
    बहुत सुन्दर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  14. राक्षस भी उत्तरदायी, किंतु वे देव और मानव भी कहां कम दोषी, जो बहते रक्त को वक्त रहते रोकते नहीं... जो घाव को देखते हैं, खुद पर सीधा असर न हो, तो अनदेखा करते हैं, सीधा असर हो तो अक्सर सहन करते हैं...
    बुरा जो देखन मैं चला...

    उत्तर देंहटाएं
  15. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (24-05-2013) को "ब्लॉग प्रसारण-5" पर लिंक की गयी है. कृपया पधारे. वहाँ आपका स्वागत है.

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  16. सच में आज देश की हालत पतली हो गई :(

    उत्तर देंहटाएं
  17. आदरणीय आपकी यह कलापूर्ण रचना निर्झर टाइम्स पर 'विधाओं की बहार...' में संकलित की गई है।
    कृपया http://nirjhar.times.blogspot.com पर अवलोकन करें।आपकी प्रतिक्रिया सादर आमंत्रित है।
    सादर

    उत्तर देंहटाएं

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