"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शनिवार, 4 मई 2013

"आ गये नेता नंगे" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


लोकतन्त्र में हो रहा, गन्दा कारोबार।
शोक सभा में कर रहे, वोटों का व्यापार।।
कराने झगड़े-दंगे।
आ गये नेता नंगे।।
जीते-जी ना कर सके, सहायता का काम।
मर जाने के बाद में, देते हैं ईनाम।।
पहन कर चिट्टी वर्दी।
जताते हैं हमदर्दी।।
जोड़-तोड़ के खेल से, चला रहे सरकार।
महँगाई के सामने, बिल्कुल हैं लाचार।।
बढ़ाकर रिश्वतखोरी।
भर रहे खूब तिजोरी।।
पाक-चीन ललकारते, रहे धरा को छीन।
फिर भी नेता जा रहे, दावत खाने चीन।।
बने माता के घाती।
शर्म नहीं इनको आती।।

20 टिप्‍पणियां:

  1. पाक-चीन ललकारते, रहे धरा को छीन।
    फिर भी नेता जा रहे, दावत खाने चीन।।
    बने माता के घाती।
    शर्म नहीं इनको आती।।

    बहुत उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति,,,

    RECENT POST: दीदार होता है,

    उत्तर देंहटाएं
  2. ऐसी ही तो है ..
    बहुत सटीक अभिव्‍यक्ति ..!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बने माता के घाती,शर्म इनको नहीं आती !
    सटीक रचना !!

    उत्तर देंहटाएं
  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत कडा प्रहार आज के नेता पर |सार्थक रचना
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (05-05-2013) के चर्चा मंच 1235 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  7. आज के हमारे ऐसे ही नेता है,बहुत ही सार्थक प्रस्तुति.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही सार्थक प्रस्तुति.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत खूब गुरु जी बिलकुल सही कहा

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सटीक बात कहीं गुरूदेव आपने! बहुत सुन्दर! आपको नमन!

    उत्तर देंहटाएं
  11. भाई जी, बड़ी खुशी है कि 'दोहागीत' को नया आयाम तथा नए 'छन्द द्वय समुच्चय' के साथ
    अपनाया गया है |बड़ी साध थी कि इस विधा को आगे के लिये मार्ग मिले सो नितर आप ने पहलकर डी है |

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी यह सुन्दर रचना निर्झर टाइम्स (http://nirjhar-times.blogspot.com) पर लिंक की गयी है। कृपया इसे देखें और अपने सुझाव दें।

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails