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सोमवार, 20 मई 2013

"गर्मी में खरबूजे खाओ" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों...!
गर्मी अपने पूरे यौवन पर है।
ऐसे में मेरी यह बालरचना 
आपको जरूर सुकून देगी!

पिकनिक करने का मन आया!
मोटर में सबको बैठाया!!
family_car_250
पहुँच गये जब नदी किनारे!
खरबूजे के खेत निहारे!!
_44621951_07melon_afp
ककड़ीखीरा और तरबूजे!
कच्चे-पक्के थे खरबूजे!!
prachi&pranjal
प्राचीकिट्टू और प्रांजल!
करते थे जंगल में मंगल!!
rcmelon
लो मैं पेटी में भर लाया!
खरबूजों का मौसम आया!!
picknic
देख पेड़ की शीतल छाया!
हमने आसन वहाँ बिछाया!!
जम करके खरबूजे खाये!
शाम हुई घर वापिस आये!!

27 टिप्‍पणियां:

  1. गर्मी के मौसम में खरबूजे जैसी ही राहत देती आपकी बाल कविता , बहुत सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह, आप जैसे परिवार गर्मी का असली आनंद लेना जानते हैं..बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपने लिखा....
    हमने पढ़ा....
    और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए बुधवार 22/05/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
    पर लिंक की जाएगी.
    आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    लिंक में आपका स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  4. इसे कहते हैं एक पंथ दो काज,
    पिकनिक भी हो गई, खरबूजे का स्वाद भी
    पिकनिक और खरबूजे का स्वाद बांट लिया आपने हम सब से भी
    क्या बात..

    उत्तर देंहटाएं
  5. चित्र मय रचना ...
    स्वाद आ गया ... नमस्कार शास्त्री जी ...

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुतिकरण

    उत्तर देंहटाएं
  7. इतनी गर्मी में ऐसी शीतल पिकनिक आप ही करा सकते हैं .
    बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति .आभार . मेरी किस्मत ही ऐसी है .
    साथ ही जानिए संपत्ति के अधिकार का इतिहास संपत्ति का अधिकार -3महिलाओं के लिए अनोखी शुरुआत आज ही जुड़ेंWOMAN ABOUT MAN

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहुत खूब....... खूब रसास्वादन लिया खरबूजों का |

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही सुन्दर चित्रमय बालकविता,आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत ही बढिया सचित्र प्रस्‍तुति

    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार २ १ / ५ /१ ३ को चर्चामंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां स्वागत है ।

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी यह रचना कल मंगलवार (21 -05-2013) को ब्लॉग प्रसारण अंक - २ पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

    उत्तर देंहटाएं
  13. गुरु जी प्रणाम
    गर्मी का है मौसम आया
    खरबूजों ने याद दिलाया
    वाह जी क्या बात है बल्राचना ने मन मोह लिया

    उत्तर देंहटाएं
  14. सहज प्रसूत गीत खरबूज .बढ़िया बाल गीत .

    खरबूजे से ज्यादा बढ़िया खरबूजे के चित्र ,

    खरबूजे भर पेटी लाया ,देखो प्यारे मित्र

    उत्तर देंहटाएं
  15. सहज प्रसूत गीत खरबूज .बढ़िया बाल गीत .

    खरबूजे से ज्यादा बढ़िया खरबूजे के चित्र ,

    खरबूजे भर पेटी लाया ,देखो प्यारे मित्र

    उत्तर देंहटाएं
  16. खरबूजों की महिमा निराली लगी

    उत्तर देंहटाएं
  17. अब तो आपके यहां आकर खरबूजे खाने ही पड़ेंगे.

    उत्तर देंहटाएं
  18. अरे वाह, बड़े सुन्दर खरबूजे हैं. आनन्द आ गया कविता पढ़कर और खरबूजों का चित्र देखकर.

    उत्तर देंहटाएं
  19. खरबूजों की रंगत देख उमामी (रसीला )स्वाद उमड़ आया है .बढ़िया सजाई है दूकान खरबूजों की .शुक्रिया हमें चर्चा मंच पे लाने के लिए .

    उत्तर देंहटाएं
  20. :) बाल रचना सुन्दर है... वाक़ई गरमी में खरबूजा खाने का मजा ही कुछ और है....

    उत्तर देंहटाएं
  21. सरल सहज लिख डाली कविता
    सुन्दर और निराली कविता
    खरबूजे में बड़ी तरावट
    खाते ही हो दूर थकावट ||

    उत्तर देंहटाएं
  22. बिल्कुल मौसम के अनुरूप !!!!!!!
    dpmathur
    chitranshsoul.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  23. ठंडी रसीली रचना......
    :-)
    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं

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