"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

रविवार, 13 फ़रवरी 2011

"14 फरवरी-14 दोहे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



प्रेम दिवस पर लीजिए, व्रत जीवन में धार।
पल-पल,हर पल कीजिए, सच्चा-सच्चा प्यार।‍‍‍१।



चहक रहे हैं बाग में, कलियाँ-सुमन अनेक।
धीरज और विवेक से, चुनना केवल एक।२।



मन-विचार मिल जाय जब, समझो तभी बसन्त।
पल-प्रतिपल मधुमास है, समझो आदि न अन्त।३।



सुख सरिता बहती रहे, धार न हो अवरुद्ध।
निशि-दिन प्रेम प्रवाह से, इसको करो समृद्ध।४।



दिल से मत तजना कभी, प्रीत-रीत उदगार।
सारस से लो सीख तुम, क्या होता है प्यार।५।



चिकनी-चुपड़ी देखकर,मत टपकाओ लार।
सोच-समझकर ही सदा, देना कुछ उपहार।६।



कंकड़-काँटों से भरी, नहीं राह अनुकूल।
लेकर प्रीत कुदाल को, सभी हटाना शूल।७।



केशर-क्यारी को सदा, स्नेह सुधा से सींच।
पुरुष न होता उच्च है, नारि न होती नीच।८।



पत्नी, पुत्री, बहन का, मात-पिता का प्यार।
उनको ही मिलता सदा, जिनका हृदय उदार।९।



अपने बिल में सर्प भी, चलता सीधी चाल।
कदम-कदम पर बुन रहा, मानुष फिर क्यों जाल।१०।



बेटी-बेटे में करो, समता का व्यवहार।
बेटी ही संसार की, होती सिरजनहार।११।



पश्चिम की है सभ्यता, प्रेमदिवस का वार।
लेकिन अपने देश में, प्रतिदिन प्रेम अपार।१२।



जीवनभर ना मिट सके, बरसाओ वह रंग।
सिखलाओ संसार को, प्रेम-प्रीत का ढंग।१३।



आडम्बर से युक्त है, प्रेमदिवस का खेल।
चमक-दमक में खो गया, सुमनों का ये मेल।१४।




16 टिप्‍पणियां:

  1. चहक रहे हैं बाग में, कलियाँ-सुमन अनेक।
    धीरज और विवेक से, चुनना केवल एक।२।
    प्रेरक उत्तम दोहे !

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (14-2-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

    उत्तर देंहटाएं
  3. बेटी-बेटे में करो, समता का व्यवहार।
    बेटी ही संसार की, होती सिरजनहार।११।

    बहुत सुंदर दोहे....

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुंदर दोहे रच गया, खिलकर मन का मीत!
    प्रेम-दिवस पर चल पड़ी, नई प्रेम की रीत!!

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सच कहा, यदि प्यार में सच्चाई आ जाये तो कृत्रिमता भरा भण्डार न आवश्यक होगा जीने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  6. दोहों मे बड़ी अच्छी बातें कही गयी हैं..
    आपके ब्लाग की फीड, पता नहीं क्यों काफी देर बाद अपडेट हो पाती है, मेरे ब्लाग रोल में..

    उत्तर देंहटाएं
  7. खूबसूरत और बहुत सुंदर दोहे....

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपको प्रेम दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ...स्वीकार करें

    उत्तर देंहटाएं
  9. अति सूधो सनेह को मारग है जहाँ नेकु सयानप बाँक नहीं।
    तहाँ साँचे चलैं तजि आपनपौ झिझकैं कपटी जे निसाँक नहीं॥
    घनआनंद प्यारे सुजान सुनौ यहाँ एक ते दूसरो आँक नहीं।
    तुम कौन धौं पाटी पढ़े हौ लला, मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं॥

    उत्तर देंहटाएं
  10. सही है,प्रेम उम्र के बंधन में नहीं होता!

    उत्तर देंहटाएं
  11. अपने बिल में सर्प भी, चलता सीधी चाल।
    कदम-कदम पर बुन रहा, मानुष फिर क्यों जाल।१०।

    सभी दोहे बहुत सुन्दर लगे...बहुत प्रेरक और सार्थक सोच से भरपूर..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  12. पत्नी, पुत्री, बहन का, मात-पिता का प्यार।
    उनको ही मिलता सदा, जिनका हृदय उदार।

    जबरदस्त गुरु जी, बहुत ही सुन्दर दोहे. मजा आ गया. बहुत-बहुत बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  13. यह सारे दोहे बहुत अच्छी सीख दे रहे हैं ...

    बहुत अच्छी प्रस्तुति .

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails