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शनिवार, 19 फ़रवरी 2011

"बनाओ मन को कोमल" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


महावृक्ष है यह सेमल का,
खिली हुई है डाली-डाली।
हरे-हरे फूलों के मुँह पर,
छाई है बसन्त की लाली।।
पाई है कुन्दन कुसुमों ने
कुमुद-कमलिनी जैसी काया।
सबसे पहले धरती पर
आकर इसने ऋतुराज सजाया।।
सर्दी के कारण जब तन में,
शीत-वात का रोग सताता।
सेमलडोढे की सब्जी से,
दर्द अंग का है मिट जाता।।
जब बसन्त पर यौवन आता,
तब ये खुल कर मुस्काते हैं।
भँवरे इनको देख-देखकर,
मन में हर्षित हो जाते हैं।।
सुमन लगे हैं अब मुर्झाने,
वासन्ती अवसान हो रहा।
तब इन पर फलियाँ-फल आये,
लम्बा दिन का मान हो रहा।।
गर्मी का मौसम आते ही,
चटक उठीं सेंमल की फलियाँ।
रूई उड़ने लगी गगन में,
 हुईँ रेशमी वन की गलियाँ।।

फूलो-फलो और मुस्काओ,
सीख यही देता है सेंमल।
तन से रहो सुडोल हमेशा,
किन्तु बनाओ मन को कोमल।।

17 टिप्‍पणियां:

  1. सेमल के वृक्ष , फूल और फल से बहुत अच्छी प्रेरणा देती रचना ..मन की कोमलता रुई जैसी हो ...अद्भुत विचार ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. फूलो-फलो और मुस्काओ,
    सीख यही देता है सेंमल।
    तन से रहो सुडोल हमेशा,
    किन्तु बनाओ मन को कोमल।।

    Bahut sundar !

    उत्तर देंहटाएं
  3. फूलो-फलो और मुस्काओ,
    सीख यही देता है सेंमल।
    तन से रहो सुडोल हमेशा,
    किन्तु बनाओ मन को कोमल।।

    वाह! अति उत्तम सीख देती बेहद शानदार रचना बहुत पसन्द आयी और साथ मे लगाये चित्र भी बेहद आकर्षक हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  4. आद. शास्त्री जी,

    फूलो-फलो और मुस्काओ,
    सीख यही देता है सेंमल।
    तन से रहो सुडोल हमेशा,
    किन्तु बनाओ मन को कोमल।

    हमेशा की तरह जीवन्तता से भरी हुई प्रवाह और प्रभाव से पूर्ण सुन्दर सीख देती हुई रचना !

    उत्तर देंहटाएं
  5. शानदार शानदार शानदार शानदार रचना

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह सेमल वृक्ष को लेकर जीवन की सीख दे डाली आपने, बहुत ही सुंदर.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  7. बेहद खूब सुरत कविता और उससे भी खुबसुरत सेमल के जीवन का चित्रों द्वारा चित्रण --बधाई शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत दिनों बाद सेमल का चित्र दिखा... धन्यवाद..

    उत्तर देंहटाएं
  9. प्रेरणा देती बेहद शानदार रचना ...बहुत ही सुंदर

    उत्तर देंहटाएं
  10. ज्ञानवर्धक सुंदर तस्वीरों के साथ अपनी बात कहती सुंदर रचना -

    उत्तर देंहटाएं
  11. कोमल भावों से परिपूर्ण बहुत सुन्दर रचना है |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  12. फूलो-फलो और मुस्काओ,
    सीख यही देता है सेंमल।
    तन से रहो सुडोल हमेशा,
    किन्तु बनाओ मन को कोमल।

    प्रेरणा देती बेहद शानदार रचना .

    उत्तर देंहटाएं
  13. वासंती सौंदर्य से पगी सुंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई।

    उत्तर देंहटाएं

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