"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

"प्रेम दिवस के कुछ वासन्ती दोहे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



 "प्रेम दिवस के कुछ वासन्ती दोहे" 
two-parrots

 जैसे-जैसे आ रहा, प्रेमदिवस नज़दीक।
गोवा और मुम्बई के, लगे चहकने बीच।।

तोता-तोती पर चढ़ा, प्रेम-दिवस का रंग। 
दोनों ही सहला रहे, इक-दूजे के अंग।। 

प्रेम दिवस में हो रहा, खेल बहुत संगीन। 
शब्द-ज़ाल में फँस गई, नाजुक उम्र हसीन।। 

नादानी और भूल से, कभी न करना प्यार। 
भली-भाँति सब सोचकर, ही करना इकरार।।

दिल-दिल से मिल जाये जब, समझो तभी बसन्त। 
हर मौसम ऋतुराज है, होता आदि न अन्त।। 
(चित्र गूगल से साभार)

14 टिप्‍पणियां:

  1. सच कहा शास्त्री जी आपने............हम नौजवानों को बहुत ही अच्छा सीख दे रहा है ये दोहा...वाह।

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपने भी वैलेंटाईन का माहौल बना दिया।

    उत्तर देंहटाएं
  3. तोता-तोती पर चढ़ा, प्रेम-दिवस का रंग।
    दोनों ही सहला रहे, इक-दूजे के अंग।। nice

    उत्तर देंहटाएं
  4. तोता-तोती पर चढ़ा, प्रेम-दिवस का रंग।
    दोनों ही सहला रहे, इक-दूजे के अंग।।


    वाह,वाह.. क्या बात सुन्दर शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  5. सभी दोहे बसंती रंग मे रंगे हुये। बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  6. 14 तक तो सप्ताह भर का बसंत-ज्वर चढ़ चुका होगा।

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (10/2/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

    उत्तर देंहटाएं
  8. आज की ये शिक्षा नौजवान पीडी के लिए आवश्यक है... बसंतपंचमी पर हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  9. तोता तोती अभी रंग में आगये हैं.:) बहुत सुंदर गीत.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह... बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails