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रविवार, 17 अप्रैल 2011

"माटी में मिल जायेगा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


अपने पिटारे से!

खिल रहे हैं चमन में हजारों सुमन,
भाग्य कब जाने किस का बदल जायेगा! 

कोई श्रृंगार देवों का  बन जायेगा,

कोई जाकर के माटी में मिल जायेगा!! 

कोई यौवन में  भरकर हँसेगा कहीं,
कोई खिलने से पहले ही ढल जायेगा! 

कोई अर्थी पे होगा सुशोभित कहीं,
कोई पूजा की थाली में इठलायेगा!  

हार पुष्पांजलि का बनेगा  कोई,
कोई  जूड़े में गोरी के गुँथ जायेगा!

15 टिप्‍पणियां:

  1. पुष्प की अभिलाषा के बाद दूसरी सुन्दर कविता...

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेहतरीन लेखन के लिए मेरी बधाई स्वीकारें.
    मेरे ब्लॉग पर आयें, आपका स्वागत है
    बचें ऑनलाइन जॉब्स की धोखाधड़ी से

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर कविता जी, धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  4. बेहद सरल शब्दों में प्रभावी कथन !भाग्य ऐसा ही होता है,आभार ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. हार पुष्पांजलि का बनेगा कोई,
    कोई जूड़े में गोरी के गुँथ जायेगा!

    बहुत सुंदर कविता लिखी है शास्त्री जी --कभी माखनलाल चतुर्वेदी की कविता पढ़ी थी सिक्स या आठवी में --आज याद आ गई --

    उत्तर देंहटाएं
  6. एक बेहतरीन भावाव्यक्ति।

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (18-4-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  7. पुष्प की अभिलाषा नहीं एक कवि की सोच है कि किस का भाग्य किसको कहाँ ले जाएगा? उसके सारे संभावित परिणामों को अच्छे ढंग से रचा है.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बेहद सरल शब्दों में बहुत सुंदर कविता, आभार

    उत्तर देंहटाएं
  9. माखनलाल जी की 'पुष्प की अभिलाषा' और मयंक जी की इस कविता में एक विशेष अन्तर पाया
    वह यह कि एक तरफ पुष्प की तमाम परिणतियों में उसकी चाह एकनिष्ठ होना चाह्ती है.
    दूसरी तरफ मयंक जी इस कविता मे पुष्प की नियतियों का खुला चित्रण है, उसपर मानवीय इच्छाओं की जबरन लदाई नहीं की गई है.

    ........... यही खासियत लगती हैं मुझे इस कविता मे.

    उत्तर देंहटाएं
  10. माटी में मिलकर भी सुमन अपनी खुशबू और ऐसा रूप बिखेर जाता है जो जेहन में बैठा कर यदि सुमिरन किया जाये तो बार बार सुखद एहसास देता है.
    शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  11. पुष्प की अभिलाषा सी ही सुन्दर कविता !

    उत्तर देंहटाएं

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