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सोमवार, 25 अप्रैल 2011

"मिट्टी से है बनी सुराही" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



 सुराही
पानी को ठण्डा रखती है,
मिट्टी से है बनी सुराही।
बिजली के बिन चलती जाती,
देशी फ्रिज होती सुखदायी।।

छोटी-बड़ी और दरम्यानी,
सजी हुई हैं सड़क किनारे।
शीतल जल यदि पीना चाहो,
ले जाओ सस्ते में प्यारे।।

इसमें भरा हुआ सादा जल,
अमृत जैसा गुणकारी है।
प्यास सभी की हर लेता है,
निकट न आती बीमारी है।।

अगर कभी बाहर हो जाना,
साथ सुराही लेकर जाना।
घर में भी औ' दफ्तर में भी,
इसके जल से प्यास बुझाना।। 

19 टिप्‍पणियां:

  1. अगर कभी बाहर हो जाना,
    साथ सुराही लेकर जाना।
    घर में भी औ' दफ्तर में भी,
    इसके जल से प्यास बुझाना।।
    wah ...surahi ka pani,sochkar hi pyas lag gayee.

    उत्तर देंहटाएं
  2. Aisi garmi me suraahi ka meetha paani tann aur mann dono ko sheetalta pradaan karta hai....

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह वाह ……………सुराही की खूबियों का बहुत सुन्दर चित्रण किया है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. bahut sunda bhavon ko samay aapki rachna man ko bhi sheetal kar gayee .aabhar

    उत्तर देंहटाएं
  5. अगर कभी बाहर हो जाना,
    साथ सुराही लेकर जाना।
    घर में भी औ' दफ्तर में भी,
    इसके जल से प्यास बुझाना।।

    sunder rachna ke liye bahut bahut badhai

    उत्तर देंहटाएं
  6. इसमें भरा हुआ सादा जल,
    अमृत जैसा गुणकारी है।
    जी हाँ इस सुराही का शीतल जल अमृत जैसा ही गुणकारी होता है...
    अच्छी रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  7. अपने छोटी से छोटी चीज़ पर भी इतनी सुन्दर कवितायें लिख कर उनकी एहमियत को बढा दिया है। बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुराही का जल नाम ही तृप्ति के लिये पर्याप्त है ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. राही को सुराही, प्यास बुझाने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  10. पारंपरिक प्रतिमानों का महत्व बढाती कविता...

    उत्तर देंहटाएं
  11. suraahi ka mahatv aaj ke bachchon ko bahut achche se samjhaya hai.bahut sunder kavita.

    उत्तर देंहटाएं
  12. सच मे सुराही का पानी ठंडा होता हे जी, बहुत सुंदर रचना, धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  13. सीधे सरल शब्दों में .....वाह .....सादर !

    उत्तर देंहटाएं
  14. बॉल कविताओं की यादें ताज़ा करा देते हैं आप शास्त्री जी
    बचपन में ले जाते हैं हमको

    उत्तर देंहटाएं
  15. इसमें भरा हुआ सादा जल,
    अमृत जैसा गुणकारी है।
    प्यास सभी की हर लेता है,
    निकट न आती बीमारी है।।



    सादगीपूर्ण रचना.

    उत्तर देंहटाएं

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