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रविवार, 24 अप्रैल 2011

"देखो कितने सारे आम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


झूमर जैसे लटक रहे हैं,
देखो कितने सारे आम।
मुँह में पानी भर आता है,
देख-देखकर प्यारे आम।
कच्ची-कच्ची सी ये अमिया,
सबका जी ललचाती हैं।
खट्टी-खट्टी प्यारी अमिया,
सबको बहुत लुभाती हैं।
पेड़ों पर अमियों के गुच्छे,
बल खाते लहराते हैं
इन्हें तोड़ने सारे बच्चे,
बगिया में आ जाते हैं।।
काट-छीलकर, नमक मिला कर,
चटनी बनती है बढ़िया।
खातीं है चटकारे लेकर,
यह चटनी बुढ़िया-गुड़िया।

21 टिप्‍पणियां:

  1. आम से मुझे याद आया कि मैंने अपनी सहेली को आम तोड़ कर लाने का वादा किया था.... रात को चोरी से.....अपने इंस्टिट्यूट से...आम देख के एकदम मन कर रहा है कि अभी मिले तो नमक मिर्च लगा के चट कर जाऊँ..... :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. इसी में पना बनाकर भी पिला देते।

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (25-4-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  4. आप आम दिखला रहे हैं,
    दिल को बहुत तरसा रहे है
    कुछ खिलाने की भी बात करो 'शास्त्रीजी'
    बोलो कब आप हमें बुलवा रहे हैं.

    आभार शानदार प्रस्तुति के लिए.पर बुलाना न भूलिएगा,प्लीज. आम चीज ही ऐसी है कि
    'मान न मान मै तेरा मेहमान'

    उत्तर देंहटाएं
  5. दांत खट्टे करने वाली पोस्ट पंडित जी!!!

    उत्तर देंहटाएं
  6. मुंह में पानी लानेवाली बहुत सुन्दर अभिब्यक्ति| धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत उम्दा बालगीत।
    शुक्रिया !

    उत्तर देंहटाएं
  8. पेड़ों पर अमियों के गुच्छे,
    बल खाते लहराते हैं।
    इन्हें तोड़ने सारे बच्चे,
    बगिया में आ जाते हैं।।...

    बच्चों की क्या कहें , मैंने बहुत चुरा-चुरा कर अमिया खायी है, अभी भी ललचाती हूँ।

    .

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह!
    डालों में लदे इन टिकोरों को देखकर कितने मनचले दौड़ पड़ते हैं तोड़ने के लिए।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत आम खाए हैं पत्थर से तोड़ तोड़ के पेड़ों से!

    उत्तर देंहटाएं
  11. काट-छीलकर, नमक मिला कर,
    चटनी बनती है बढ़िया।
    खातीं है चटकारे लेकर,
    यह चटनी बुढ़िया-गुड़िया।

    वाह,बहुत उम्दा बाल कविता.

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत उत्कृष्ट बाल गीत..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  13. आम खाने का मन करने लगा ! ये कवितायेँ मुझे इतनी ज्यादा अच्छी लगती हैं बच्चों वाली ...बेजोड़ ! :-)

    उत्तर देंहटाएं

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