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बुधवार, 3 अगस्त 2011

"सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

साजन ला दो चोटी-बिन्दी, काजल काली-काली,
क्रीम-पाउडर के संग में, ला दो होठों की लाली,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

तन भी भीगा, मन भी भीगा, भीगा मेरा आँचल,
कजरारी अँखियों में सुन्दर लगता सबको काजल,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

भीनी-भीनी मस्त फुहारें, पड़ती हैं आँगन में,
गाऊँगी मैं गीत प्रणय के, हरे-भरे कानन में,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

हरियाली तीजो पर झूले पड़े हुए उपवन में,
इन्द्रधनुष भी सजे हुए हैं देखो नीलगगन में,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

भीगे खेतों में खुश हो कर धान बहुत लहराते,
बारिश का पानी पी करके मेढक भी टर्राते,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

थोड़े दिन में राखी लेकर, मैं मैके जाऊँगी,
अम्मा-बाबा, भइया-भाभी से मिलकर आऊँगी,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

गंगा-यमुना की धाराएँ, कल-कल राग सुनातीं,
जल को पाकर सूखी नदियाँ, बहती हैं बलखातीं,
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!

26 टिप्‍पणियां:

  1. वाह बहुत ही सुन्दर
    रचा है आप ने
    क्या कहने ||

    उत्तर देंहटाएं
  2. अनुपम भावों की सुन्दर प्रस्तुति.
    आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  3. सावन का महीना..मस्ती से भरपूर..हर तरफ खुशियों की फुहार..बहुत ख़ूबसूरत और मनमोहक रचना!

    उत्तर देंहटाएं
  4. सावन से सराबोर इस गीत में बड़े ही कोमल भाव प्रस्फुटित हुए हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह सावन की घटा के साथ बढ़िया कविता और ला जवाब चित्र.

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह यहाँ तो सच मे सावन बरस रहा है………बहुत सुन्दर व मनभावन प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सावन की मस्ती,
    बूँदों मे बसती।

    उत्तर देंहटाएं
  8. bahut sunder manbhavan geet aur picture to aur bhi lajabaab hai.

    उत्तर देंहटाएं
  9. सावन का ये रूप...बहुत रोचक लगा...

    उत्तर देंहटाएं
  10. सवन पर मनभावन गीत...बहुत सुन्दर...

    उत्तर देंहटाएं
  11. बस यही दुआ है कि सावन लोगो के लिए मस्ती और खुशियाँ ही ले कर आये ... कोई मुसीबत नहीं !

    उत्तर देंहटाएं
  12. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  13. सुन्दर भाव लिए कविता |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  14. वाह शास्त्री जी आप तो सच्ची मुच्ची सावन के झूले झूला रहे हैं|

    उत्तर देंहटाएं
  15. जितना सुन्दर गीत, उतनी ही सुन्दर सजीव तस्वीर.

    उत्तर देंहटाएं
  16. वाह बहुत खूब....आया सावन झूम के

    उत्तर देंहटाएं
  17. खुबसूरत सावन के साथ खुबसूरत रचना....

    उत्तर देंहटाएं
  18. dr.saheb aapaki rachana par kitana paani baras raha hai fir bhi nahi bheeg rahi ?????

    उत्तर देंहटाएं

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