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गुरुवार, 4 अगस्त 2011

"अन्तर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

एक पादप साल का,
जिसका अस्तित्व नही मिटा पाई,
कभी भी,समय की आंधी ।
ऐसा था,
हमारा राष्ट्र-पिता,महात्मा गान्धी ।।
कितना है कमजोर,
सेमल के पेड़ सा-
आज का नेता ।
जो किसी को,कुछ नही देता ।।
दिया सलाई का-
मजबूत बक्सा,
सेंमल द्वारा निर्मित,एक भवन ।
माचिस दिखाओ,और कर लो हवन ।
आग ही तो लगानी है,
चाहे-तन, मन, धन हो या वतन।।
यह बहुत मोटा, ताजा है,
परन्तु,
सूखे साल रूपी,गांधी की तरह बलिष्ट नही,
इसे तो गांधी की सन्तान कहते हुए भी-
.........................।।

24 टिप्‍पणियां:

  1. aak kavi ki kavitha hai ye
    bahut hi sundar
    keya kahane
    aap ke

    उत्तर देंहटाएं
  2. बिल्कुल सही कहा आज तो ये कहना भी उनका अपमान ही होगा……………दिल से लिखी गयी कविता तडप उजागर करती है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. आज कि राजनीति और राजनेता पर सार्थक टिप्पणी... बहुत सुन्दर...

    उत्तर देंहटाएं
  4. भविष्य के लिये वर्तमान ही इतिहास हो जाता है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. sharm aati hai....bahut sahi kaha hai aapne.bahut antar hai kal me aur aal me.badhaai bahut achchi rachna.

    उत्तर देंहटाएं
  6. संतान नही अपमान हैं } हमारा की जगह हमारे और था की जगह थे करने का अनुरोध है। हालांकि मुझे कविता के गजल के नियमो का ज्ञान नहीं।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बिल्कुल सही फ़रमाया आपने.

    रामराम

    उत्तर देंहटाएं
  8. यह बहुत मोटा, ताजा है,
    परन्तु,
    सूखे साल रूपी,गांधी की तरह बलिष्ट नही,
    इसे तो गांधी की सन्तान कहते हुए भी-
    .........................।।

    Waah ...

    उत्तर देंहटाएं
  9. Einstine ने यों ही नहीं कहा था कि आने वाली पीढ़ियां बमुश्किल यह यक़ीन करेंगी कि ऐसा कोई व्यक्ति कभी इस धरती पर था।

    उत्तर देंहटाएं
  10. .....
    न कहके भी आपने बहुत कुछ कह दिया है!

    उत्तर देंहटाएं
  11. Hola
    Pienso que no sois derecho. Soy seguro. Lo discutiremos. Escriban en PM.
    http://www.ddl17.com/
    Truden

    उत्तर देंहटाएं
  12. सुन्दर रचना, खूबसूरत अंदाज़

    उत्तर देंहटाएं
  13. सेंमल का पेड़, माचिस का डब्बा और आज का नेता


    बहुत खूब शास्त्री जी :)

    उत्तर देंहटाएं
  14. भिक्षाटन करता फिरे, परहित चर्चाकार |
    इक रचना पाई इधर, धन्य हुआ आभार ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  15. आपने बिल्कुल सही कहा है! सुन्दर रचना! दिल को छू गई!

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत सही कहा है आपने इस अभिव्‍यक्ति में ... आभार ।

    उत्तर देंहटाएं

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