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गुरुवार, 18 अगस्त 2011

"प्यार-...क्या है प्यार-रॉबर्ट लुई स्टीवेंसन" (अनुवादक-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

"प्यार-...क्या है प्यार-रॉबर्ट लुई स्टीवेंसन"
(अनुवादक-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
प्यार-...क्या है प्यार-रॉबर्ट लुई स्टीवेंसन
"काव्यानुवाद"
-0-0-
आज तुम्हारे बिना हमारा,
कितना शान्त अकेला घर है।
नये-पुराने मित्रवृन्द के लिए
प्रशंसा के कुछ स्वर हैं।

सुन्दर और युवा मित्रों के,
लिए बना है माह दिसम्बर।
किन्तु मई का मास अलग है,
छिपा अनुग्रह इसमें सुखकर।

पेरिस का तो हरा रंग है,
नीले रंग का मेरा अम्बर।
जैसा पाया वही लिखा है,
नहीं किया है कुछ आडम्बर।

दूर बहुत है ऊँची चोटी,
मुझको करती हैं आकर्षित,।
कभी न विस्मृत कर पाऊँगा,
अपने करता भाव समर्पित।
Robert Louis Stevenson
Nationality - Scottish
Date of Birth- November 13, 1850
Death Date- December 3, 1894

18 टिप्‍पणियां:

  1. पेरिस का तो हरा रंग है,
    नीले रंग का मेरा अम्बर।
    जैसा पाया वही लिखा है,
    नहीं किया है कुछ आडम्बर।
    बहुत सुन्दर पंक्तियाँ! बड़े खूबसूरती से आपने अनुवाद किया है! नए अंदाज़ के साथ रॉबर्ट लुई स्टीवेंसन की ये रचना बेहद पसंद आया!

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह ...बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

    वाह बहुत ही सुन्दर
    रचा है आप ने
    क्या कहने ||

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही उम्दा अनुवाद भारत भूमी के अनुरूप भी

    उत्तर देंहटाएं
  4. Dr. Sahab Aapse Rajeeva Khandelwal, Betul, (Margdarshak & Lekhak Swatantra Vichar) charcha karna chahte hai. yadi aapke pass samay ho to kripaya 09425002638 unka Mobile No. hai. unke bare me janne hetu- http://www.blogger.com/profile/07160642920976453257

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर अनुवाद जो अनुवाद लगता ही नहीं है..बहुत सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  6. उत्कृष्ट अनुवाद का नमूना... बढ़िया कविता.... स्थान काल के हिसाब से शब्द चयन..

    उत्तर देंहटाएं
  7. जितनी सुन्दर रचना , उतना ही सुन्दर अनुवाद ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर काव्या अनु वाद किया है .कविता के मूल भावों को प्रस्तुत कर दिया है यही अनुवादक की योग्यता का प्रमाण है .आभार
    blog paheli no.1

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  9. बहुत भावपूर्ण अनुवाद है |मन को छू गया |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं

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