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सोमवार, 5 सितंबर 2011

"मेरे परिचय के साथ एक गीत" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

मित्रों!
आज शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर
मेरा संक्षिप्त परिचय
दैनिक अमर उजाला के
मेरठ-बिजनौर संस्करण में
पृष्ठ- 8 पर
प्रकाशित हुआ है!
स्पष्ट पढ़ने के लिए आप
समाचारपत्र की इस कटिंग पर क्लिक कीजिए!
मैं अमर उजाला समाचार पत्र का आभार व्यक्त करता हूँ!
जिसमें आज भी उत्तराखण्ड के प्रदेश के पृष्ठ पर
मेरे बारे में छापा गया है!
इसके अन्त में मेरे एक गीत की
कुछ पंक्तियाँ भी हैं!
इस गीत को मैं पुनः प्रकाशित कर रहा हूँ!
"मिली आधी आजादी है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
अन्ना के सत्याग्रह से, हारी संसद की खादी है।
साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।

निर्धन होता जाता निर्धन, धनवानों की चाँदी है,
अंग्रेजी की बनी हुई है अपनी भाषा बाँदी है,
झूठा पाता न्याय हमेशा, सच्चा ही फरियादी है।
साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।

लूट-लूट भोली जनता को, अपनी भरी तिजोरी है,
घूसखोर आकाओं ने, फैला दी रिश्वतखोरी है,
लोकतन्त्र में राज कर रहा, धन-बल पर उन्मादी है।
साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।

सत्ताधीशों ने पग-पग पर, कुटिल चाल अपनाई थी,
किन्तु सत्य की हुंकारों से, हर-पल मुँहकी खाई थी,
कड़वी औषधि देने से ही, मिटता ताप मियादी है।
साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।

काली रात अभी गुज़री है, थोड़ा हुआ सवेरा है,
कड़ी धूप में चलने को, पथ पड़ा अभी तो पूरा है,
अन्ना के पीछे-पीछे, अब भारत की आबादी है।
साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।

23 टिप्‍पणियां:

  1. सत्ताधीशों ने पग-पग पर, कुटिल चाल अपनाई थी,
    किन्तु सत्य की हुंकारों से, हर-पल मुँहकी खाई थी,
    कड़वी औषधि देने से ही, मिटता ताप मियादी है।
    साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।
    बहुत सही कहा है आपने ,आज देश के हालत देख यही लगता है कि हमें आधी आज़ादी ही मिल पाई है.सुंदर काव्यात्मक प्रस्तुति बधाई

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं.....शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  3. ऊर्जा शिक्षक और शिक्षा युग-निर्माता होने के कारण योग्य अध्यापक राष्ट्र ऋषि हैं। शिक्षा सबसे बड़ी पूंजी है। शिक्षक संस्कार के अध्याय से संस्कृति बनाते हैं।
    बहुत सही कहा है आपने ,काव्यात्मक प्रस्तुति
    बहुत बहुत बधाई ...

    जवाब देंहटाएं
  4. हार्दिक बधाई, शास्त्री जी!

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं.....शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  6. बधाई ||

    सुन्दर प्रस्तुति ||

    बधाई ||

    जवाब देंहटाएं
  7. ye tareef to kamm hai aapke liye guru ji!!

    soorya ko diyaa dikhaane wali baat hai....!!

    जवाब देंहटाएं
  8. काली रात अभी गुज़री है, थोड़ा हुआ सवेरा है,
    कड़ी धूप में चलने को, पथ पड़ा अभी तो पूरा है,
    अन्ना के पीछे-पीछे, अब भारत की आबादी है।
    साठ साल के बाद मिली, हमको आधी आजादी है।।
    /बहुत बहुत बधाई आपको शास्त्रीजी और शुभकामनाएं /आज देश के हालातों के माद्दे नजर बहुत ही बढ़िया कविता लिखी आपने /बधाई आपको /

    जवाब देंहटाएं
  9. हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.....शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  10. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं.....शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  11. बहुत बहुत बधाई शास्त्री जी , एक पार्टी हो जाए इसी बात पर !
    निसंदेह आप किसी पहचान के मोहताज नहीं !

    जवाब देंहटाएं
  12. सतत लेखन को पहचान मिली...मुबारकबाद...ऐसे ही लिखते रहिये...

    जवाब देंहटाएं
  13. हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं....

    जवाब देंहटाएं
  14. आज का आकर्षण बना है आपका ब्लोग है ज़ख्म पर और गर्भनाल पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा । http://redrose-vandana.blogspot.com

    जवाब देंहटाएं

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