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गुरुवार, 15 सितंबर 2011

"हिन्दी-डे कहने लगे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



हिन्दी भाषा का दिवस, बना दिखावा आज।
अंग्रेजी रँग में रँगा, पूरा देश-समाज।१।

हिन्दी-डे कहने लगे, अंग्रेजी के भक्त।
निज भाषा से हो रहे, अपने लोग विरक्त।२।

बिन श्रद्धा के आज हम, मना रहे हैं श्राद्ध।
घर-घर बढ़ती जा रही, अंग्रेजी निर्बाध।३।

लेकिन आशा है मुझे, आयेगा शुभप्रात।
जब भारत में बढ़ेगा, हिन्दी का अनुपात।४।

देखें कब तक रहेगी, अपनी भाषा मौन।
सन्तों की आवाज को, दबा सका है कौन?।५।

27 टिप्‍पणियां:

  1. अंग्रेजी रँग में रँगा, पूरा देश-समाज\
    yah bilkul sacha kaha aap ne
    bahut sundar
    pangtiya

    उत्तर देंहटाएं
  2. हिन्दी-डे कहने लगे, अंग्रेजी के भक्त।
    निज भाषा से हो रहे, अपने लोग विरक्त।२।....
    सही कहा आप ने ...सुन्दर ..

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब कहा ।
    झूठ की दुनिया में झूठे लोग दिखावे से ज़्यादा कर भी नहीं सकते ।

    आपकी हिंदी सेवा मन को भाती है , राह दिखाती है ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. नगर भास्कर अब सिटी भास्कर हो गया है
    हिंदी नही भाषाओं का अखाड़ा हो गया है

    उत्तर देंहटाएं
  5. आज के हालात का सटीक चित्रण किया है…………बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  6. देखी रचना ताज़ी ताज़ी --
    भूल गया मैं कविताबाजी |

    चर्चा मंच बढाए हिम्मत-- -
    और जिता दे हारी बाजी |

    लेखक-कवि पाठक आलोचक
    आ जाओ अब राजी-राजी |

    क्षमा करें टिपियायें आकर
    छोड़-छाड़ अपनी नाराजी ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  7. देखें कब तक रहेगी, अपनी भाषा मौन।
    सन्तों की आवाज को, दबा सका है कौन?
    karara vyangya hai aaj ke pahlu per......
    sarthak rachna ke liye aapko koti koti badhai .....aabhar

    उत्तर देंहटाएं
  8. रचना का उद्देश्य और भाव दोनों अच्छे हैं किन्तु यदि दोहे लिखते हैं तो मात्राओं का भी ध्यान रखना आवश्यक है
    अब पहला दोहा ही देखिये
    हिन्दी भाषा का दिवस, बना दिखावा आज। मात्राएँ- १३, ११
    अंग्रेजी रँग में रँगा, पूरा देश-समाज।१। मात्राएँ- १५, ११
    आशा करता हूँ कि आप मेरे सुझाव को खुले ह्रदय से स्वीकारेंगे व इसे अन्यथा नहीं लेंगे... धन्यवाद...

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुमित जी!
    आप मात्राएँ गिनना जानते हैं क्या?
    चन्द्रबिन्दु को भी मात्रा में शामिल कर लिया!
    धन्य है आपका मात्रा ज्ञान!

    उत्तर देंहटाएं
  10. सौफी सदी सच है बात ... पूरा देश अंग्रेजी के रंग में रंग हुवा है आज ... खाना पूर्ती है हिंदी दिवस ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुंदर दोहे

    कौआ चला हंस की चाल , अपनी भी भूल बैठा
    ------हिंदी डे मनाने वालों की यही स्थिति है , वे न अंग्रेजी जान पाते हैं न हिंदी

    लेकिन आशा है मुझे, आयेगा शुभप्रात।
    जब भारत में बढ़ेगा, हिन्दी का अनुपात।४।
    आपकी इस आशावादी सोच को सलाम

    उत्तर देंहटाएं
  12. हिंदी की दुर्दशा और उसके लिए उत्तरदायी हैं हम बहुत सुन्दर रचना आपकी

    उत्तर देंहटाएं
  13. देखें कब तक रहेगी, अपनी भाषा मौन।
    सन्तों की आवाज को, दबा सका है कौन?।५।
    इन दो पंक्तियों में जो शक्ति है, हिन्दी दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण और लिखे गए बड़े-बड़े लेखों में भी नहीं मिला मुझे।

    उत्तर देंहटाएं
  14. आपकी हिंदी सेवा मन को भाती है , राह दिखाती है ।

    उत्तर देंहटाएं
  15. देखें कब तक रहेगी, अपनी भाषा मौन।
    सन्तों की आवाज को, दबा सका है कौन?

    सुन्दर दोहे ।
    हिंदी के भविष्य के लिए शुभकामनायें ।

    उत्तर देंहटाएं
  16. हिंदी को छोड अंग्रेजी को अपना रहे हैं ,हिन्दुतान को अन्ग्रजिस्तान बना रहे हैं /बहुत ही सुंदर कविता हिंदी भाषा पर /बहुत बधाई आपको /
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया /आशा है आगे भी आपका आशीर्वाद मेरी रचनाओं को मिलता रहेगा /

    उत्तर देंहटाएं
  17. aadrniy isr
    sarv pratham main maffi chahungi kimain hindi writer kharaab oone ki vajah se roman me aapko likh rahi hun.

    लेकिन आशा है मुझे, आयेगा शुभप्रात।
    जब भारत में बढ़ेगा, हिन्दी का अनुपात।४।
    hindi hamari matri bhashha hai par aaj kal to vah bhi sab days ki tarah hi ho gai hai.
    bahut hi sateek v vyngatama se purn hai aapki ye rachna
    sadar naman
    poonam

    उत्तर देंहटाएं
  18. देखें कब तक रहेगी, अपनी भाषा मौन।
    सन्तों की आवाज को, दबा सका है कौन?।५

    सटीक कहा है ... एक दिन हिंदी सर्वोपरी होगी ...सुन्दर अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  19. हिन्दी-डे कहने लगे, अंग्रेजी के भक्त।
    निज भाषा से हो रहे, अपने लोग विरक्त

    बहुत सही धोया है आपने

    उत्तर देंहटाएं
  20. यही कामना हमारी भी है.

    उत्तर देंहटाएं

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