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शनिवार, 13 फ़रवरी 2010

“हम नये उपहार की बातें करें।” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

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सादगी के साथ हम, शृंगार की बातें करें।
प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें
करें।

सोचने को उम्र सारी ही पड़ी है सामने,
जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।
प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें।।

रंग मौसम ने भरे हैं, आ गया ऋतुराज है,
रंज-ओ-ग़म को छोड़कर, त्योहार की बातें करें।
प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें
रें।।

मन-सुमन से मिल गये, गुञ्चे चमन में खिल गये,
आज के दिन हम, नये उपहार की बातें करें।
प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें।।

प्रीत है इक आग, इसमें ताप जीवन भर रहे,
हम सदा सुर-ताल, मृदु झंकार की बातें करें।
प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें।।
(चित्र गूगल सर्च से साभार)

16 टिप्‍पणियां:

  1. सही टाइम पर सही बात...बढ़िया गीत...आभार शास्त्री जी!!!

    उत्तर देंहटाएं
  2. "बात ही करनी है, तो
    बस बात करो प्यार की!
    प्यार की, शृंगार की,
    झंकार की, बस प्यार की!"
    --
    प्रेम-दिवस पर प्रेमियों के लिए
    एक अनुपम उपहार है - यह गीत!

    --
    कह रहीं बालियाँ गेहूँ की - "मेरे लिए,
    नवसुर में कोयल गाता है - मीठा-मीठा-मीठा!"
    --
    संपादक : सरस पायस

    उत्तर देंहटाएं
  3. सोचने को उम्र सारी ही पड़ी है सामने,
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।
    क्या बात है. बहुत सुन्दर गीत. सामयिक भी.

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें.nice

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत ख़ूबसूरत गीत! आज के दिन को आपने ख़ूबसूरत गीत से और भी ख़ास बना दिया है!

    उत्तर देंहटाएं
  6. सही वक़्त पर...... बहुत सुंदर गीत.....

    उत्तर देंहटाएं
  7. सादगी के साथ हम, शृंगार की बातें करें।
    प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें।।

    सोचने को उम्र सारी ही पड़ी है सामने,
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।
    प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें।।

    sahi kah rahe hain........bahut hi sundar prem geet.

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुन्दर समसामयिक रचना के लिये बधाई

    उत्तर देंहटाएं

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