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सोमवार, 1 फ़रवरी 2010

“मस्त बसन्ती रुत आयी है!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)


गेंहूँ झूम रहे खेतों में,
उपवन में बहार आयी है।
उतर गये हैं कोट सभी के,
मस्त बसन्ती रुत आयी है।।

मूँगफली अब नही सुहाती,
गजक-रेबड़ी नही लुभाती,
चाट-पकौड़ी मन भायी है।
मस्त बसन्ती रुत आयी है।।

चहक रही पेड़ों पर चिड़ियाँ,
महक रहीं बालाएँ-बुढ़ियाँ,
डाली-डाली गदरायी है।
मस्त बसन्ती रुत आयी है।। 

दिन आये हैं प्रीत-प्रेम के,
मन भाये हैं गीत-प्रेम के,
मन में सरसों लहराई है। 
मस्त बसन्ती रुत आयी है।।
(चित्र गूगल सर्च से साभार)

15 टिप्‍पणियां:

  1. waah waah..........sach mein mast basanti rut aa gayi hai.......aapke geet ne to usmein chaar chaand laga diye hain.

    उत्तर देंहटाएं
  2. कविता अच्छी है मगर सरसों और फूल नहीं दिखे चित्र में ...इनके बिना कैसा वसंत ...!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. दिन आये हैं प्रीत-प्रेम के,
    मन भाये हैं गीत-प्रेम के,
    मन में सरसों लहराई है।
    मस्त बसन्ती रुत आयी है।।
    बहुत सुन्दर शास्त्री जी !

    उत्तर देंहटाएं
  4. दिन आये हैं प्रीत-प्रेम के,
    मन भाये हैं गीत-प्रेम के,
    मन में सरसों लहराई है।
    मस्त बसन्ती रुत आयी है।।nice

    उत्तर देंहटाएं
  5. शास्‍त्री जी कहाँ चाट-पकौड़ी की याद दिला रहे हैं। डाक्‍टर ने बन्‍द कर रखी है।

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्रकृति के बदलते रूप को कविता में बहुत बारीकी से उभारा गया है।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सारी कायनात ही जैसे अंगड़ाई ले जाग उठती है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. भाई साहब! सादर नमन!
    कविता पढ़कर आपकी, उमडी खुशी अनंत।
    फलित फरवरी माह है, चारों ओर बसंत॥
    चारों ओर बसंत, खेत, वन-उपवन, महके।
    बौराए है पेड, आदमी बहके - बहके॥
    सार्ट लीव पर रहें, आजकल प्रतिदिन सविता।
    ऎसे में उत्ताप जगाती केवल कविता॥

    सद्भावी-
    डॉ० डंडा लखनवी

    उत्तर देंहटाएं
  9. रंग सजा कर बैठा बनिया
    गोरी खरीद रही फागुनिया
    अब शुरू होने को, पुरवाई है
    मस्त बसन्ती रुत आयी है।।
    बसंत में मस्त कराती सुन्दर कविता.....आभार !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. मूँगफली अब नही सुहाती,
    गजक-रेबड़ी नही लुभाती,
    चाट-पकौड़ी मन भायी है।
    मस्त बसन्ती रुत आयी है।।
    वाह लाजवाब रचना लिखा है आपने! चाट पकौड़े की बात सुनकर तो मुँह में पानी आ गया!

    उत्तर देंहटाएं

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