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शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2010

“होली का आया त्यौहार” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

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प्राची गुझिया बना रही है,
दादी पूड़ी बेल रही है।

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कभी-कभी पिचकारी लेकर,
रंगों से वह खेल रही है।।

तलने की आशा में आतुर
गुझियों की है लगी कतार।
घर-घर में खुशियाँ उतरी हैं,
होली का आया त्यौहार।।
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मम्मी जी दे दो खाने को,
गुझिया-मठरी का उपहार।
सजता प्राची के नयनों में,
मिष्ठानों का मधु-संसार।।
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सजे-धजे हैं बहुत शान से
मीठे-मीठे शक्करपारे।
कोई पीला, कोई गुलाबी,
आँखों को ये लगते प्यारे।।
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होली का अवकाश पड़ गया,
दही-बड़े कल बन जायेगें।
चटकारे ले-लेकर इनको,
बड़े मजे से हम खायेंगे।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुंदरतम बालगीत...होली की हार्दिक शुभकामनाएँ.....सादर।।। चित्र और रचना अद्भुत समंजन।

    उत्तर देंहटाएं
  2. अरे गुरु जी कुछ खिलाएंगे भी,ऐसे ही तरसायेंगे .
    खूबसूरत सचित्र पोस्ट.

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह ,बहुत सुन्दर कविता और चित्र तो गज़ब के हैं....देख कर ही मज़ा आ गया...और मुंह में पानी भी..

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर गीत है तस्वीरें देख कर लगता है अब आना ही पडेगा। भाभी जी से कहें तैयार रहें खूब खातिरदारी करवाऊँगी। होली की आप सब को बहुत बहुत शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर कविता उत्तम चित्रों संग !

    उत्तर देंहटाएं
  6. Bahut sundar ,chitro ne jaan fuunk di aur ji man bhi lalachaya....!
    Aabhar

    उत्तर देंहटाएं
  7. लगता है अब आना ही पडेगा. आप ललचा रहे हैं.

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  8. आप तो रोज रोज हमे ललचाने लगे है जी... कही ऎसा ना हो कि हमारा सब्र टुट जाये ओर हम बोरी बिस्तर समेत पहुच जाये आप के चरणो मै ओर फ़िर जी भर कर खाये यह सब मिठाई.
    बहुत सुंदर

    उत्तर देंहटाएं
  9. मैं तो ये सारे पकवान चख भी चुका हूँ!
    सचमुच बहुत स्वादिष्ट!
    आप भी जाइए!
    वहाँ तो लगातार बन रहे हैं!
    मयंक जी की रचनाओं की तरह!
    खाए जाओ, खाए जाओ,
    भाभी जी के गुण गाए जाओ!

    --
    मिलने का मौसम आया है!
    "रंग" और "रँग" में से किसमें डूबें?
    हो... हो... होली है!
    --
    संपादक : सरस पायस

    उत्तर देंहटाएं
  10. भई वाह सरस कविता और सरस पक्वान्न।
    आह, वाह यम यम...

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  11. आनन्द आ गया!


    आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह शास्त्री जी वाकई मुंह में पानी ला दिया महाराज !

    उत्तर देंहटाएं
  13. आप और आपके परिवार को होली की शुभकामनाएँ...

    उत्तर देंहटाएं
  14. wah holi ke tyauhaar ka samast gharelu vatavaran aur mithaiyon ka mel , bahut khoob, .............holi ki mangalkaamnayen.

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत ही प्यारी और सुन्दर बालगीत लिखा है आपने ख़ूबसूरत चित्रों के साथ! मिठाई देखकर तो मुँह में पानी आ गया!

    उत्तर देंहटाएं
  16. एक प्लेट वो भी गुझियों वाली मेरी है. कोई नहीं खायेगा
    आपको व आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं

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