"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

“होली का मौसम आया है” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

होली आई, होली आई,
गुजिया, मठरी, बरफी लाई
670870_f520  mathri_salted_crackers  images-products-SW07.jpg
मीठे-मीठे शक्करपारे,
सजे -धजे पापड़ हैं सारे,
n5j6dtroasted-papad 
चिप्स कुरकुरे और करारे,
दहीबड़े हैं प्यारे-प्यारे,
 
chips
curdvada 
तन-मन में मस्ती उभरी है,
पिस्ता बरफी हरी-भरी है.
Pista-Barfiieh10_large
पीले, हरे गुलाल लाल हैं,
रंगों से सज गये थाल हैं.
 
holi (3)
कितने सुन्दर, कितने चंचल,
हाथों में होली की हलचल,
celebrating-holi 
फागुन सबके मन भाया है! 

होली का मौसम आया है!!
(चित्र गूगल सर्च से साभार)

19 टिप्‍पणियां:

  1. ओह! मुँह में तो पानी आ गया है..... मगर पांच का दिन इंतज़ार तो करना ही पड़ेगा ना..... इतना सब कुछ खाने के लिए....

    उत्तर देंहटाएं
  2. Uff! kitana lalchaya aapane ...lekin aapki rachana ki mithas tript kar gai1
    Aabhar

    उत्तर देंहटाएं
  3. इतने सुंदर पिक्‍चर .. इतनी अच्‍छी कविता .. गजब की पोस्‍ट !!

    उत्तर देंहटाएं
  4. शास्त्री जी-
    होली के बाद खटीमा पहुचना ही पड़ेगा।
    आपने इतना सारा सामान जो दिखा दिया।

    रचना के साथ मिठाई।
    पहली बार आपने खि्लाई।
    आपको ढेर सारी बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  5. शास्त्री जी, ये मिठाईयाँ, समोसे कचौडी मेल से भेजने की भी व्यवस्था है क्या ? :-)

    उत्तर देंहटाएं
  6. sach much ki aisi mithayiyan kahan milti hai ..chitr hi anand ka karan ban gaye ...dhnywad..

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपने तो सारी सजी धजी मिठाई दिखा कर ललचा ही दिया....बहुत सुन्दर गीत और मिठाईयां भी....होली की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  8. holi ke saare rang yahin bikhrne lage hai...itna jordar swagat :)

    उत्तर देंहटाएं
  9. शास्त्री जी क्यो तडपा रहे है जी, इन सब के चार चार पीस हमे भी भेज दो खा कर बतायेगे, ओर हां थोडा थोडा गुलाल भी भेज दे.
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपने तो थाल सजा कर मन ललचवा दिया. समस्या यह है कि थाल सिर्फ़ दिखावटी है और घर वाले खाने नही देंगे.:)

    रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत जोरों की लालच लग आई..होली मुबारक!

    उत्तर देंहटाएं
  12. ITNE SUNDAR CHITRA LAGAYE HAIN KI DEKHTE HI MOONH MEIN PANI AA GAYA HAI AUR UTNI HI ROCHAK KAVITA LIKHI HAI.........BAS HOLI KA INTZAAR HAI.

    उत्तर देंहटाएं
  13. फागुन सबके मन भाया है!
    होली का मौसम आया है!!

    उत्तर देंहटाएं
  14. स्वादिस्ट ,होलियाना पोस्ट

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails