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सोमवार, 22 फ़रवरी 2010

“चलो होली खेलेंगे” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)


आई बसन्त-बहार, चलो होली खेलेंगे!!
रंगों का है त्यौहार, चलो होली खेलेंगे!!

बागों में कुहु-कुहु बोले कोयलिया,
धरती ने धारी है, धानी चुनरिया,
पहने हैं फुलवा के हार,
चलो होली खेलेंगे!!

हाथों में खन-खन, खनके हैं चुड़ियाँ.
पावों में छम-छम, छनके पैजनियाँ,
चहके हैं सोलह सिंगार,
चलो होली खेलेंगे!!

कल-कल बहती है, नदिया की धारा.
सजनी को लगता है साजन प्यारा,
मुखड़े पे आया  निखार,
चलो होली खेलेंगे!!

उड़ते अबीर-गुलाल भुवन में, 
सिन्दूरी-सपने पलते सुमन में,
महके है मन में फुहार! 
चलो होली खेलेंगे!!

(चित्र गूगलसर्च से साभार)

19 टिप्‍पणियां:

  1. सभी को नीरज जाट का
    ढेर सारा प्यार,
    चलो होली खेलेंगे!

    उत्तर देंहटाएं
  2. सभी को नीरज जाट का
    ढेर सारा प्यार,
    चलो होली खेलेंगे!

    उत्तर देंहटाएं
  3. कल-कल बहती है, नदिया की धारा.
    सजनी को लगता है साजन प्यारा..
    वाह वाह मज़ा आ गया! अद्भुत सुन्दर रचना! ऐसा लग रहा है कि बस होली आ ही गया है!

    उत्तर देंहटाएं
  4. पहने हैं फुलवा के हार,
    चलो होली खेलेंगे!!
    रंग बिरंगे प्रकृति के संग होली का यह सुन्दर चित्रण वाह

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर फ़ागुनी गीत. शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत खूब!! क्या सजीव अंकन है.
    होली की ढेरों मुबारकबाद!

    मिलकर सब मन-मीत,
    चलो होली खेलेंगे!
    सुंदर है यह गीत,
    चलो होली खेलेंगे!

    उत्तर देंहटाएं
  7. मिलकर सब मन-मीत,
    चलो होली खेलेंगे!
    सुंदर है यह गीत,
    चलो होली खेलेंगे!
    वाह बहुत सुन्दर हैं होली के रंग धन्यवाद्

    उत्तर देंहटाएं
  8. उड़ते अबीर-गुलाल भुवन में,
    सिन्दूरी-सपने पलते सुमन में,
    महके है मन में फुहार!
    चलो होली खेलेंगे!!
    बहुत सुन्दर !

    उत्तर देंहटाएं
  9. उड़ते अबीर-गुलाल भुवन में,
    सिन्दूरी-सपने पलते सुमन में,
    महके है मन में फुहार!
    चलो होली खेलेंगे!!
    आपको होली की बहुत-बहुत शुभकामनाये. सुन्दर कविता लिखने के लिए मेरी बधाई स्वीकार करे.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुंदर गीत. होली की रामराम.

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुंदर कविता...होली की शुभकामनाओं के साथ....

    उत्तर देंहटाएं
  12. आनन्द विभोर कर गया गीत...वाह शास्त्री जी!!

    उत्तर देंहटाएं
  13. वाह... होली के रंग तो खूब बिखरने लगे ....रंगों की बहुत निराली छटा ...

    उत्तर देंहटाएं

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