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गुरुवार, 10 जून 2010

“ऊष्म और संयुक्ताक्षर” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

usham“ष”
“ष” से बन जाता षटकोण!
षड्दर्शन, षड्दृष्टिकोण! 
षट्-विद्याओं को धारणकर,
बन जाओ अर्जुन और द्रोण!!

“श”
“श” से शंकर हैं भगवान!
शम्भू जी हैं कृपानिधान!
खाओ शहद, शरीफा मीठा,
कभी न कहलाना शैतान!!  

“स” 
“स” से संविधान, सरकार,
संसद में बैठा सरदार!
विजय सत्य की ही होती है,
झूठों की हो जाती हार!!

“ह”
“ह” से हल को हाथ लगाओ!
हरियाली धरती पर लाओ!
सरल-सुगम है हिन्दी भाषा,
देवनागरी को अपनाओ!! 

sanyuktakshar दो या दो से अधिक अक्षरों की 
सन्धि से मिलकर बने अक्षरों को 
संयुक्ताक्षर कहते हैं!
हिन्दी वर्णमाला के साथ 
इनको पढ़ाया जाना सर्वथा अनुपयुक्त है!
फिर भी आजकल के शिक्षाविदों ने 
ये संयुक्ताक्षर वर्णमाला के साथ जोड़ दिये हैं !
लगे हाथ इन पर भी 
एक-एक मुक्तक देख लीजिए!

ksh
क् और श मिल “क्ष” बन जाता!
”क्ष” से ही क्षत्रिय कहलाता!
क्षमा बहुत ही अच्छा गुण है,
वेद हमें यह ही बतलाता!!traत् और र मिल बने त्रिशूल!
तीन नुकीले इसमें शूल!
तीन कोण वाले त्रिभुज को,
बच्चों कभी न जाना भूल!
gyanज् और ञ मिल ज्ञ बन जाता
ज्ञानी हमको ज्ञान सिखाता!
गुरूद्वारों में जाकर देखो,
ग्रन्थी “ज्ञानी-जी” कहलाता!!
sra श् और र मिल श्र बन जाता!
श्रम करने से धन मिल जाता!
श्री लक्ष्मी का है वरदान,
श्रमिक देश का भाग्य-विधाता!!

16 टिप्‍पणियां:

  1. man moh le gayi aapki kavita hamesha ki tarah.

    ye post 11/6/10 ki charcha ke liye select ki gayi hai.
    abhar.

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपके द्वारा प्रस्तुत पुरी वर्णमाला के आगे नतमस्तक हूँ...एक एक वर्ण पर जो भी आपने लिखा है इतना सटीक है कि बस विचार ही करते रह जाएँ पढने वाले.....आपकी लेखनी को नमन

    उत्तर देंहटाएं
  3. नई वर्णमाला जो सरल होने के साथ-साथ वैज्ञानिक भी है। बच्चों को भला और क्या चाहिए।
    आपका आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  4. इस वर्णमाला को तो अवश्य ही पाठ्यक्रम में होना चाहिए ..सरल,वैज्ञानिक ओर सटीक.

    उत्तर देंहटाएं
  5. अति उत्तम जारी रही ग्यानवर्धक है

    उत्तर देंहटाएं
  6. यह बच्चों के सिलेबस में लगाये जाने के सर्वथा उपयुक्त हैं...

    उत्तर देंहटाएं
  7. एक बेहतरीन प्रयास...साधुवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  8. बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति किस किस बात की तारीफ करूँ बस बेमिसाल..... लाजवाब.......

    उत्तर देंहटाएं
  9. बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति किस किस बात की तारीफ करूँ बस बेमिसाल..... लाजवाब......

    उत्तर देंहटाएं
  10. शास्त्री जी हमेशा की तरह सुन्दर और मनमोहक कविता!

    उत्तर देंहटाएं
  11. वाह मंयक जी कमाल कर दिया बहुत अच्छा लगा मुक्तक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  12. मुझे आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा ! आप बहुत ही सुन्दर लिखते है ! मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है !

    उत्तर देंहटाएं
  13. बच्चों को सिखाने के लिए कारीगर नुस्खा .........

    उत्तर देंहटाएं

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