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बुधवार, 16 जून 2010

“बादल तो बादल होते हैं” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक)

सूचनाः- 17 जून से 19 जून तक लुधियाना में रहूँगा! 

21 जून को ही ब्लॉगिस्तान  में वापिस लौटूँगा!

मेरा एक पुराना गीत
image
बादल तो बादल होते हैं ।
भरी हुई छागल होते हैं।।

तन में जल का सिन्धु समेटे,
नभ में कृष्ण दिखाई देते,
लेकिन धुआँ-धुआँ होते हैं ।
बादल तो बादल होते हैं ।।

बल के साथ गरजते रहते,
दल के साथ लरजते रहते,
नभ में यहाँ-वहाँ होते हैं ।
 बादल तो बादल होते हैं ।।

चन्द्र-सूर्य का तेज घटाते,
इनसे तारागण ढक जाते,
बादल जहाँ-जहाँ होते हैं ।
बादल तो बादल होते हैं ।।

21 टिप्‍पणियां:

  1. बल के साथ गरजते रहते,
    दल के साथ लरजते रहते,
    नभ में यहाँ-वहाँ होते हैं ।
    बादल तो बादल होते हैं ।।
    Sundar bal geet. No problem sir, first priority should be given to important works, blogging is secondary thing. Have a nice journey !

    उत्तर देंहटाएं
  2. बादल गीत पढना एक सुखद अनुभव रहा।
    आपकी कविता पढ़ने पर ऐसा लगा कि आप बहुत सूक्ष्मता से एक अलग धरातल पर चीज़ों को देखते हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया और शानदार कविता.. ...

    आपका मोबाइल तो ऑन रहेगा ना लुधिआना .....में....?

    मैं आज ही सोच रहा था आपको कॉल करने के लिए.....

    उत्तर देंहटाएं
  4. काले-भूरे-काले बादल... तन-मन को हर्षाते बादल... लगता है बस फूट पड़ेंगे... अबला के आंसू से बादल...
    जल्दी से यात्रा पूरी कर वापस आइये...

    उत्तर देंहटाएं
  5. चन्द्र-सूर्य का तेज घटाते,
    इनसे तारागण ढक जाते,
    बादल जहाँ-जहाँ होते हैं ।
    बादल तो बादल होते हैं ।
    बहुत सुन्दर कविता. यात्रा मंगलमय हो.

    उत्तर देंहटाएं
  6. चन्द्र-सूर्य का तेज घटाते,
    इनसे तारागण ढक जाते,
    बादल जहाँ-जहाँ होते हैं ।
    बादल तो बादल होते हैं ।
    बहुत सुन्दर कविता. यात्रा मंगलमय हो.

    उत्तर देंहटाएं
  7. आप लुधियाना मे हैं? वाह फिर तो हमारे शह्र के पास ही हैं लुधियाना से 2 30 या 3 घन्टे का रास्ता है ।तो नंगल भी हो कर जायें। स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत खूब ..शास्त्री जी...सुंदर कविता..बादल की महिमा का गान करती भावपूर्ण रचना..बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  9. प्रियवर महफूज अली जी!
    मेरा मोबाइल तो हमेशा ही ऑन रहता है!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बादलों का ही मौसम आने वाला है जी | ये इंतजार भी कराते; बादल तो बादल होते |

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  11. “बादल तो बादल होते हैं” - बहुत खूब

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  12. चाचा जी
    आपकी यह रचना भी शानदार, जानदार और धारदार है। बाबा नागार्जुन के साथ वाला पूरा प्रसंग मैंने पढ़ा है। वह भी जबरदस्त था।

    उत्तर देंहटाएं

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