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रविवार, 13 जून 2010

“टीस” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

नोट-कलाई में मोच
आ जाने के कारण
केवल आपको पढ़ ही रहा हूँ!
चाह कर भी
टिप्पणी नही कर पा रहा हूँ!
किसी तरह से
कृतिदेव मे लिखी हुई
इस रचना को किसी से
यूनिकोड में बदलवा कर
ब्लॉग पर लगवा दिया है!

 

टीस उठ रही है तन-मन में,
पोर-पोर में दर्द भरा है!
बाहर से सब ठीक-ठाक है,
भीतर घाव बहुत गहरा है!!

लोभी भँवरों ने कलियों को,
गुञ्जन करके लूट लिया है,
जितना कुछ सौरभ था उनमें,
असमय में ही घूँट लिया है,
भरी जवानी में उपवन का, 
बदल गया चेहरा-मोहरा है!
बाहर से सब ठीक-ठाक है,
भीतर घाव बहुत गहरा है!!

स्याही, कलम और खत भी हैं,
लेकिन कुछ मजमून नही है,
ज़र्द दिखाई देते क़ातिब,
तन में मानो खून नही है,
रंगत उड़ी हुई मुखड़े की,
सिर पर ओढ़ लिया सेहरा है!
बाहर से सब ठीक-ठाक है,
भीतर घाव बहुत गहरा है!!

सोये चादर तान श्रमिक हैं,
तोड़ दिया श्रम से नाता है,
सूदखोर हो गये धनिक हैं,
जिन्दाबाद बही-खाता है,
सच बन्दी है कारागृह में,
संविधान गूँगा-बहरा है!
बाहर से सब ठीक-ठाक है,
भीतर घाव बहुत गहरा है!!

बेटा डाँट रहा बाबुल को,
बहू सास को नोच रही है,
आँसू बहा रही मर्यादा,
सहमी-सहमी सोच रही है,
सब सीमाएँ लाँघ-लाँघकर
वक्त कहाँ आकर ठहरा है!
बाहर से सब ठीक-ठाक है,
भीतर घाव बहुत गहरा है!!

12 टिप्‍पणियां:

  1. प्रभु आपको शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करे. सुंदर रचना प्रस्तुति के लिए आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  2. आगया है अब टंगडीमार ले दनादन दे दनादन। दुनिया याद रखेगी। जरा संभलके दुनियावालों।

    टंगडीमार

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाकई में सच बन्दीगृह में है...
    सबसे अच्छी टिप्पणी टंगड़ीमार ने दी है. जय टंगड़ीमार जी की.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत गहरी टीस है।
    आप जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ करें यही कामना है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बाहर से सब ठीक-ठाक है,
    भीतर घाव बहुत गहरा है....
    जो रिश्ता है तब ही ऐसी कवितायेँ बनती हैं ...!!

    उत्तर देंहटाएं
  6. sir rachna bahut achhi hai.
    parantu aap ki samasya se hum sab dukhi hain, main dr. hoon aap kii samasya ka nidaan kar sakta hoon
    krpya mere e mail par mujhe apni samsya ke baare mein bataye. id hai {khanajmal36@gmail.com). main aap ke mail ka intizaar karoonga,aur agar main aap ke liye kuchh kar saka to mujhe kushi hogi.
    faqat
    ajmalhusainkhan

    उत्तर देंहटाएं
  7. प्रभु आपको शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करे |सुंदर रचना|

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपको इश्वर जल्दी से स्वस्थ करे ऐसी कामना है |अच्छी रचना के लिए आभार |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  9. बस आपको पढने को मिलता रहे यही अभिलाषा है

    उत्तर देंहटाएं
  10. यह टीस बहुत कुछ कह गयी....सुंदरता से हर भाव अभिव्यक्त किया है..

    उत्तर देंहटाएं

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