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गुरुवार, 2 फ़रवरी 2012

"सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 
प्रेम-प्रीत के चक्कर में पड़,
सीमाएँ मत पार कीजिए।
वैलेन्टाइन के अवसर पर,
सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

भोले-भाले प्रेमी को भरमाना,
अच्छी बात नही,
चिकनी-चुपड़ी बातों से बहलाना,
अच्छी बात नही,
ख्वाब दिखा कर आसमान के,
धरती से, मत वार कीजिए।
वैलेन्टाइन के अवसर पर,
सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

जन्म-जिन्दगी के साथी से,
झूठे वादे मत करना,
दिल के कोने में घुस कर,
नापाक इरादे मत करना,
हाथ थाम कर साथ निभाना,
प्रीत भरा व्यवहार कीजिए।
वैलेन्टाइन के अवसर पर,
सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

धड़कन जैसे बँधी साँस से,
ऐसा गठबन्धन कर लो,
पानी जैसे बँधा प्यास से,
ऐसा परिबन्धन कर लो,
सच्चे प्रेमी बन साथी से,
अपनी आँखें चार कीजिए।।
वैलेन्टाइन के अवसर पर,
सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

प्रेम-दिवस की भाँति,
बसन्ती सुमनों को खिलना होगा,
रैन-दिवस की भाँति,
हमें हर-रोज गले मिलना होगा,
हरी-भरी जीवन बगिया में,
मत कोई व्यापार कीजिए।
वैलेन्टाइन के अवसर पर,
सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

22 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति शास्त्री जी , उम्मीद है आज के ये नौनिहाल आपकी इस सुन्दर रचना से कुछ सीख लेंगे ! हम तो खैर, बुड्डे हो गए :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. शिक्षा प्रद संदेश वाहक रचना है और हमें भी हमारा कर्त्तव्य स्मरण कराया है आपने धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  3. प्रेम-दिवस की भाँति,
    बसन्ती सुमनों को खिलना होगा,
    रैन-दिवस की भाँति,
    हमें हर-रोज गले मिलना होगा,
    हरी-भरी जीवन बगिया में,
    मत कोई व्यापार कीजिए।
    वैलेन्टाइन के अवसर पर,
    सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

    bahut achchhi bat kahi hai. vaise pyaar ka sachcha roop nishchhal aur pavitra hokar tyaag aur samarpan ka doosara roop hai.

    उत्तर देंहटाएं
  4. सार्थक संदेश देती सुन्दर रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  5. bahut sundar prernadaai rachna.aaj kal ke bachchon ko jaroor padhni chahiye.

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर सन्देश आजकल की पीढ़ी के लिए.
    kalamdaan.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर रचना शास्त्री जी.. सबको इस से सीख लेनी चाहिए...
    मेरी नई रचना देखें..

    उत्तर देंहटाएं
  8. aadesh, updesh, sandesh...

    धड़कन जैसे बँधी साँस से,
    ऐसा गठबन्धन कर लो,
    पानी जैसे बँधा प्यास से,
    ऐसा परिबन्धन कर लो,
    सच्चे प्रेमी बन साथी से,
    अपनी आँखें चार कीजिए।।
    वैलेन्टाइन के अवसर पर,
    सच्चा-सच्चा प्यार कीजिए।।

    waah, bahut khoob, velentine day ke liye bahut saarthak aur apratim sandesh. shubhkaamnaayen.

    उत्तर देंहटाएं
  9. सच में सर दुनिया में ऐसे भी लोग
    है जो प्यार के नाम पर खिलवाड करते है
    पर वे क्या जाने दिल टूटने कि आवाज नही आती पर दर्द और तकलीफ कि कोई हद नही ..
    बहूत हि अच्छी सार्थक संदेश देती रचना है ..

    उत्तर देंहटाएं
  10. प्रेम रस में रची पगी रचना ने मन मोह लिया।

    उत्तर देंहटाएं
  11. वाह..
    बहुत सुन्दर..
    और सामयिक भी...
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपका आग्रह आदेश की तरह लिया है....
    और बिलकुल सच्चा-सच्चा प्यार किया है..;):)

    सुन्दर रचना सर..:)

    उत्तर देंहटाएं
  13. सुंदर सन्देश ,लाजबाब प्रस्तुतीकरण..

    उत्तर देंहटाएं
  14. //दिल के कोने में घुस कर,
    नापाक इरादे मत करना,
    //प्रेम-प्रीत के चक्कर में पड़,
    सीमाएँ मत पार कीजिए।
    //हरी-भरी जीवन बगिया में,
    मत कोई व्यापार कीजिए।

    waah sir.. waaah.. bahut hi achhi rachna :)

    उत्तर देंहटाएं
  15. हरी-भरी जीवन बगिया में,
    मत कोई व्यापार कीजिए।
    सुन्दर विचार सरणी प्रेम का असली स्वरूप समझाती .

    उत्तर देंहटाएं
  16. दिन कैसा भी, कोई भी हो,
    प्रेम हृदय का बना रहे..

    उत्तर देंहटाएं
  17. कितना रंग बिरागा प्यार है आपका सर

    उत्तर देंहटाएं
  18. सार्थक संदेश देती खूबसूरत प्रस्तुति सर॥ http://mhare-anubhav.blogspot.com/ समय मिले कभी तो आयेगा मेरी इस पोस्ट पर आपका स्वागत है

    उत्तर देंहटाएं

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