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शनिवार, 25 फ़रवरी 2012

"होली आई है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

मित्रों!
तीन दिनों के लिए बाहर जा रहा हूँ!
 मैंने रचनाओं को शैड्यूल कर दिया है,
जो रोज प्रकाशित होती रहेंगी!
खुशियों की सौगात लिए होली आई है।
रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।

रंग-बिरंगी पिचकारी ले,
बच्चे होली खेल रहे हैं।
मम्मी-पापा दोनों मिल कर,
मठरी-गुझिया बेल रहे हैं।
पकवानों को साथ लिए, होली आई है।
रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।

जाड़ा भागा, गरमी आई,
होली यह सन्देशा लाई।
कोयल बोल रही बागों में,
कौए ने पाँखे खुजलाई।
ठण्डी कुल्फी हाथ लिए, होली आई है।
रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।

सरसों फूली, टेसू फूले,
आम-नीम बौराये हैं।
मक्खी, मच्छर भी होली का,
गीत सुनाने आये हैं।
साथ चाँदनी रात लिए, होली आई है।
रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।

13 टिप्‍पणियां:

  1. सरसों फूली, टेसू फूले,
    आम-नीम बौराये हैं।
    मक्खी, मच्छर भी होली का,
    गीत सुनाने आये हैं।
    साथ चाँदनी रात लिए, होली आई है।
    रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।
    ऋतु परिवर्तन सहज रूप समझाता अच्छा बाल गीत लय ताल लिए मौसम का उन्माद लिए .

    उत्तर देंहटाएं
  2. होली आई, यह मौसम और आपकी कविता से प्रतीत होने लगा है...

    उत्तर देंहटाएं
  3. holi ka aagaaj to aapne kar diya.bahut sundar rang birangi post.mubarak ho.

    उत्तर देंहटाएं
  4. होली आने की सूचना आपने अच्छी रचना के माध्यम से दी आभार

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह!!!
    आपकी कमी आप महसूस होने ना देंगे???

    रंगबिरंगी रचना भायी...
    होली आपके जीवन को खुशी के रंगों से सराबोर कर दे..
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  6. होली आई होली आई,
    रंग रगीली रचना भायी,
    शास्त्री जी आपने तो होली के
    पहले ही रंग फेकना शुरू कर दिया,
    चलिए हम भी होली की एडवांस बधाई दे देते है,बहुत२ बधाई ,.....

    उत्तर देंहटाएं
  7. माहौल बन रहा है होली का।
    बहुत खूब।

    उत्तर देंहटाएं
  8. अभी से होली का रंग जमा दिए आप तो......

    उत्तर देंहटाएं
  9. वातावरण में होली के रंग बिखरने लगे हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह! वाह! होलियाना हो गया माहौल...
    सुन्दर रचना सर.
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  11. होली के इस गीत ने उत्साह भर दिया है ..पर मच्छर मक्खी की उपस्थिति के लिए भी चेता दिया है... बहुत खूब..

    उत्तर देंहटाएं

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