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सोमवार, 15 अप्रैल 2013

"माला बन जाया करती है..." (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


"माला बन जाया करती है..."  

जब कोई श्यामल सी बदली,
सपनों में छाया करती है!
तब मेरे मन में शब्दों की,
माला बन जाया करती है!!

निर्धारित कुछ समय नही है,
कोई अर्चना-विनय नही है,
जब-जब निद्रा में होता हूँ,
तब-तब यह आया करती है!
माला बन जाया करती है!!

शोला बनकर आग उगलते,
कहाँ-कहाँ से  शब्द निकलते,
चिंगारी जब धधक उठे तो,
ज्वाला बन जाया करती है!
माला बन जाया करती है!!

दीन-दुखी की व्यथा देखकर,
धनवानों की कथा देखकर,
दर्पण दिखलाने को मेरी,
कलम मचल जाया करती है!
माला बन जाया करती है!!

भँवरे ने जब राग सुनाया,
कोयल ने जब गाना गाया,
मधुर स्वरों को सुनकर मेरी,
नींद टूट जाया करती है!
माला बन जाया करती है!!

वैरी ने  हुँकार भरी जब,
धनवा ने टंकार करी तब,
नोक लेखनी की तब मेरी,
भाला बन जाया करती है!
माला बन जाया करती है!!

14 टिप्‍पणियां:

  1. वैरी ने हुँकार भरी जब,
    धनवा ने टंकार करी तब,
    नोक लेखनी की तब मेरी,
    भाला बन जाया करती है!
    माला बन जाया करती है!!
    बहुत ही सुन्दर अर्थपूर्ण प्रस्तुति,आपका सादर आभार आदरणीय.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही सुन्दर भँवरे ने जब राग सुनाया,
    कोयल ने जब गाना गाया,
    मधुर स्वरों को सुनकर मेरी,
    नींद टूट जाया करती है!
    माला बन जाया करती है!!

    वैरी ने हुँकार भरी जब,
    धनवा ने टंकार करी तब,
    नोक लेखनी की तब मेरी,
    भाला बन जाया करती है!
    माला बन जाया करती है!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही बढ़िया है. मां सरस्वती का वरद हस्त है आपके ऊपर.

    उत्तर देंहटाएं
  4. दीन-दुखी की व्यथा देखकर,
    धनवानों की कथा देखकर,
    दर्पण दिखलाने को मेरी,
    कलम मचल जाया करती है!
    माला बन जाया करती है!!
    ..बहुत खूब...
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ...।

    उत्तर देंहटाएं
  6. कड़ियाँ एक एक गुँथती जाती, बहुत सुन्दर कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बैसाखी की लाख लाख वधाइयों के साथ -
    बहूद्देश्यीय रचना हेतु वधाई !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  9. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार १६ /४/ १३ को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां स्वागत है ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत ही सुंदर शब्द पिरोते हैं आप
    माँ सरस्वती कि कृपा आप पर बनी रहे और आपकी हम जैसे नौसिखियों पर
    गुज़ारिश : 'पहली गुज़ारिश' :चर्चामंच 1208

    उत्तर देंहटाएं
  11. बेहतरीन प्रस्तुति !!!
    पधारें "आँसुओं के मोती"

    उत्तर देंहटाएं
  12. माँ सरस्वती की अपार कृपा है आप पर..

    उत्तर देंहटाएं

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