"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

शनिवार, 27 अप्रैल 2013

"मेरी गैया भोली-भाली" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरी गैया बड़ी निराली,
 सीधी-सादी, भोली-भाली।

सुबह हुई काली रम्भाई,
मेरा दूध निकालो भाई।

हरी घास खाने को लाना,
उसमें भूसा नही मिलाना।
 
उसका बछड़ा बड़ा सलोना,
वह प्यारा सा एक खिलौना।

मैं जब गाय दूहने जाता,
वह अम्मा कहकर चिल्लाता।

सारा दूध नही दुह लेना,
मुझको भी कुछ पीने देना।

थोड़ा ही ले जाना भैया,
सीधी-सादी मेरी मैया।

18 टिप्‍पणियां:

  1. घर मैं एक गौ पाल के पून बहुत ही पाएँ ।
    हरिद अछद धन डारि के दूध दधि खीर खाएँ ॥

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत प्यारा बालगीत....आभार

    उत्तर देंहटाएं
  3. गाय भोली है इसीलिये हम सबको प्यारी है: भोलापन हमारा मूल है.

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (28-04-2013) के चर्चा मंच 1228 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  5. गाय पालने का आनन्द हमने भी उठाया है, आपकी कविता बहुत अच्छी लगी।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ही सुन्दर प्यारा सा बाल कविता,गोरक्षा हमारा कर्तव्य.

    उत्तर देंहटाएं
  7. अरे वाह...ये तो बड़ी प्यारी गैया है..

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाह जी वाह .....खूबसूरत प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत प्यारा बालगीत...सुंदर....

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails