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बुधवार, 17 अप्रैल 2013

"टॉम हमारा साथ छोड़कर चला गया" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


प्यारा-प्यारा टॉम हमारा साथ छोड़कर चला गया।
हम सबकी आँखों का तारा साथ छोड़कर चला गया।

पला-बढ़ा था ठाठ-बाट में,
आठ वर्ष तक रहा साथ में,
चौकीदारी करनेवाला साथ छोड़कर चला गया।

बीमारी की जीत हो गयी,
मृत्यु उसकी मीत हो गयी,
घरभर का ये राजदुलारा साथ छोड़कर चला गया।
आज फिरंगी सोच रहा है,
व्याकुल होकर खोज रहा है,
मेरा प्यारा भाई, मेरा साथ छोडकर चला गया।

शोक आज घर में छाया है,
सबका ही मन भर आया है,
सच्चा पहरेदार हमारा साथ छोड़कर चला गया।
हम सबकी आँखों का तारा साथ छोड़कर चला गया।।

19 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह प्रस्तुति कल के चर्चा मंच पर है
    कृपया पधारें

    उत्तर देंहटाएं
  2. एक वफादार साथी का साथ छूटना काफी दुखद होता है ... आपका दर्द समझ सकता हूँ ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. आज की ब्लॉग बुलेटिन गूगल पर बनाइये अपनी डिजिटल वसीयत - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  4. अपने प्रिय वफादार साथी का साथ छूटना कितना दुखद होता है मै समझ सकता हूँ,,,,

    RECENT POST : क्यूँ चुप हो कुछ बोलो श्वेता.

    उत्तर देंहटाएं
  5. टॉमी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि डाक्टर साब |

    उत्तर देंहटाएं
  6. मैं आपके दर्द को समझ सकती हूँ भगवान् टामी की आत्मा को शान्ति दे

    उत्तर देंहटाएं
  7. सच बहुत दुःख होता है जब भोला सा प्राणी साथ छोड़ जाता है .इश्वर उसकी आत्मा को शांति दे व् आपके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे .

    उत्तर देंहटाएं
  8. इसी वजह से मैंने पालतू नहीं रखा. बहुत कष्टकारी होता है.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बेहद दुखद ! टॉम की अनन्त यात्रा के लिये भावभीनी श्रद्धांजलि !

    उत्तर देंहटाएं
  10. सच में,ये मूक प्राणी परिवार के प्रिय सदस्य बन जाते है .इनका जाना बहुत ही दुखदायी होता है

    उत्तर देंहटाएं

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