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मंगलवार, 23 अप्रैल 2013

"हनुमान जयन्ती" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों!
परसों 25 अप्रैल को
हनुमान जयन्ती है!
लेकिन आज मंगलवार को ही
सभी भक्तों को हनुमान जयन्ती की 
अग्रिम शुभकामनाएँ प्रेषित कर रहा हूँ!
 
धीर-वीर, रक्षक प्रबल, बलशाली-हनुमान।
जिनके हृदय-अलिन्द में, रचे-बसे श्रीराम।।
--
महासिन्धु को लाँघकर, नष्ट किये वन-बाग।
असुरों को आहत किया, लंका मे दी आग।।
--
कभी न टाला राम का, जिसने था आदेश।
सीता माता को दिया, रघुवर का सन्देश।।
--
लछमन को शक्ति लगी, शोकाकुल थे राम।
पवन वेग की चाल से, पहुँचे पर्वत धाम।।
--
संजीवन के शैल को, उठा लिया तत्काल।
बूटी खा जीवित हुए, दशरथ जी के लाल।।
--
बिगड़े काम बनाइए, बनकर कृपा निधान।
कोटि-कोटि वन्दन तुम्हे, पवनपुत्र हनुमान।। 
--

9 टिप्‍पणियां:

  1. जय श्री हनुमान। सुंदर रचना, आपको भी हनुमान जयंती की बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार (23-04-2013) के <a href="http://charchamanch.blogspot.in/2013/04/1224.html> पर भी होगी! आपके अनमोल विचार दीजिये , मंच पर आपकी प्रतीक्षा है .
    सूचनार्थ...सादर!

    जवाब देंहटाएं
  3. बजरंग बली में बचपन से ही आस्था है ... नमन

    जवाब देंहटाएं
  4. जय श्री हनुमान। सुंदर रचना, आपको भी हनुमान जयंती की बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  5. जय बजरंग बली ..बहुत सुन्दर प्रस्तुति .....आपको भी हनुमान जयंती की हार्दिक बधाई।

    जवाब देंहटाएं

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