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रविवार, 5 सितंबर 2010

"शिक्षा और शिक्षक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

विद्याएँ लुप्तप्रायः
छात्र कहाँ जायें

शिक्षा का शोर
ट्यूशन का जोर

सजी हैं दूकानें
लोग लगे हैं कमाने-खाने

गुरू गायब
विद्यालयों की भरमार
जगत-गुरू के
अच्छे नही हैं आसार

ज्ञान की अमावस है
आज शिक्षक दिवस है

18 टिप्‍पणियां:

  1. ज्ञान की अमावस है
    आज शिक्षक दिवस है
    एक अफ़सोस जनक सच्चाई !

    उत्तर देंहटाएं
  2. सभी शिक्षक मित्रों को इस दिवस की शुभकाम्नाय़े !

    उत्तर देंहटाएं
  3. शिक्षा का शोर
    ट्यूशन का जोर

    सही बात

    शिक्षक दिवस कि शुभकामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  4. सही बात
    शिक्षक दिवस कि शुभकामनाये !

    उत्तर देंहटाएं
  5. 'सोचा था यह डाली लाएगी -
    'फूल' और 'फल', फैलाएगी - 'हरियाली'.
    परन्तु हाय! इस डाली से,
    क्यों टपकी यह खून की लाली?
    ये महानुभाव बड़े-बड़े उपाधि धारक हैं,
    परन्तु क्या कहूँ इनकी गति?
    कैसी हो गयी है इनकी मति?
    कभी-कभी तो ये ऐसे कार्य
    करने में भी नहीं शरमाते
    जिसे कहने में हमें शर्म आती है.
    देखो यह कैसा अनर्थ है?
    क्या हमारी शिक्षा ही व्यर्थ है?

    मेरे श्रम-परिश्रम में कोई खोट तो नहीं थी मेरे मित्र!
    फिर इस आकर्षक घट में, मृदुल जल की बजाय छिद्र क्यों है?
    और इस नवीन, प्रगतिशील कहे जाने वाले कला-कृतियों में;
    संगीत के स्वरों में, ओज और माधुर्य के स्थान पर,
    नग्नता और विकृति क्यों है?

    कारण है सबका ही एक;
    नहीं किया तूने 'शिक्षा' और 'विद्या' में भेद.
    इसी विद्या के अभाव में, शिक्षा का उत्पाद
    दम्भी अभियंता विकास के नाम पर देश का धन चूसता है,
    डॉक्टर चिकित्सा के नाम पर अभिवावकों का खून चूसता है,
    कुछ लोग संविधान की मर्यादा चूसते है.

    ऐसे में हैरानी क्यों है?
    समझो टहनी में लाली क्यों है?
    तो मेरे भाई! 'विद्या' क्या है ?
    करो विचार, अच्छी लगे तो करो स्वीकार.

    उत्तर देंहटाएं
  6. ज्ञान की अमावस है !
    आज शिक्षक दिवस है !


    कटु सत्य है …

    फिर भी एक आशा के साथ …
    " शिक्षक दिवस की
    शुभकामनाएं !"

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    उत्तर देंहटाएं
  7. बिल्कुल सटीक चित्रण्……………आज हाल तो यही है फिर भी अच्छे की उम्मीद से शिक्षक दिवस की बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  8. ज़बरदस्त !

    शब्दों की कारीगरी का कमाल..........

    बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  9. सजी हैं दूकानें
    लोग लगे हैं कमाने-खाने

    आज की शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चोट ...
    शिक्षक दिवस की शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति के प्रति मेरे भावों का समन्वय
    कल (6/9/2010) के चर्चा मंच पर देखियेगा
    और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

    शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  11. शब्दों की ध्वनि बहुत दूर तक जाती है.
    सुंदर रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  12. शिक्षक दिवस कि शुभकामनाये

    उत्तर देंहटाएं
  13. shiksha ka shor
    tuition ka jor



    aapki lekhni main hai bada jor


    Dhanywaad!

    उत्तर देंहटाएं
  14. एक सत्य को उजागर करती रचना |बधाई |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  15. ज्ञान की अमावस है
    आज शिक्षक दिवस है
    ..yahi aaj ka sach hai.
    shiksha ek bahut bada vyapar banta jaa raha hai...

    उत्तर देंहटाएं

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